लखनऊ: कांग्रेस नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार पर प्रदेश के विजन को लेकर हो रही चर्चा पर निशाना साधा। उन्होंने इसे सिर्फ दिखावा और इवेंट करार दिया है। आराधना मिश्रा मोना ने बुधवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बोलते हुए कहा कि देश के विकास के लिए अगर सबसे बड़ा कोई विजन देखा और उसे पूरा किया तो कांग्रेस सरकारों ने और हमारे नेताओं ने इसे पूरा किया। इस देश के विकास के विजन की नींव देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने रखी।
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार वर्तमान की चर्चा नहीं कर रही या तो इतिहास की बात या दूरगामी भविष्य और उसको लेकर कोई ब्लू प्रिंट नहीं। आज प्रदेश के विकास के विजन 2047 पर चर्चा हो रही है, होनी भी चाहिए। हम चाहते थे कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के समय को और बढ़ाया जाए। आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के पास विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी दिखती है और उसका प्रमाण 10 साल की भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल के आंकड़े हैं।
यूपी में कृषि पर भी नहीं दिया गया ध्यान
उन्होंने कहा कि सरकार को 10 साल बाद विकास के विजन की बात याद आई है। 10 साल हो गए प्रदेश के लिए जो बुनियादी जरूरतें हैं- स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क और रोजगार के साथ-साथ कृषि, अगर आंकड़ों को उठाकर देख लिया जाए तो सरकार के पास उस पर जवाब नहीं है। आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। हमारी सरकारों में कृषि पर विशेष काम किया, ध्यान दिया लेकिन उत्तर प्रदेश में कृषि को जो बजट आवंटित हुआ वह मात्र 3.2 प्रतिशत है और दूसरे राज्यों में 6 प्रतिशत से ज्यादा।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सरकार एक तरफ करती है कि हम किसानों की आए दुगुनी करेंगें ,जब बजट ही आधा है तो आय दुगनी कैसे करेंगे? किसानों की MSP कैसे दुगुनी होगी ? डीएपी जो 800 की मिलती थी वह अब 1350 रुपये की हो गई लागत बढ़ती जा रही है, जितना कार पर टैक्स 12 से 28% लगाया जा रहा है, उतना ही ट्रैक्टर पर लग रहा है यह कैसे जायज है अन्नदाता के साथ ये कैसा न्याय है? गन्ना किसान परेशान है गन्ना किसानों का बकाया है लगातार किसान प्रदर्शन कर रहे हैं उसे पर सरकार के पास जवाब नहीं है।
यूपी में कानून व्यवस्था चौपट
कांग्रेस नेता विधानमंडल दल ने कहा कि भाजपा सरकार को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। शिक्षा की बात तो करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश के स्कूलों में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों की कमी थी, उसे पूरा करने के बजाय स्कूलों को ही बंद कर दिया। ऐसे में भाजपा का विजन विकास का कहां बचा? आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि एक तरफ सरकार 2047 का विजन पर चर्चा कर रही है तो वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट और ध्वस्त हो चुकी है। बेरोजगारी, मंहगाई, भ्रष्टाचार और दलितों महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार से विकास कैसे होगा?