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UP News: ‘विलेज मॉल’ मॉडल से गांव में मिलेंगी शहर की सुविधाएं

UP News: 'विलेज मॉल' मॉडल से गांव में मिलेंगी शहर की सुविधाएं
  • रामपुर में बना प्रदेश का पहलाविलेज मॉल’ पूरे यूपी के लिए बन रहा आदर्श, दूसरा मॉल भी हो रहा तैयार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सीएम योगी द्वारा शुरू किया गया ‘विलेज मॉल’ मॉडल अब पूरे प्रदेश में मिसाल बनता जा रहा है। रामपुर जनपद की ग्राम पंचायत धमौरा, विकास खंड मिलक में बने राज्य के पहले ग्रामीण प्रगति मॉल से यह साबित हो गया है की गांव की गलियों से भी विकास की ऊंची इमारतें खड़ी हो सकती हैं। रामपुर के ही तहसील बिलासपुर की मनकरा ग्राम पंचायत में भी अब शॉपिंग मॉल आधे से ज्यादा बनकर तैयार है। यहां मैकडॉनल्ड्स जैसे कई दिग्गज ब्रांड के आउटलेट भी खोले जाने की तैयारी है। जिसका लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग उठा सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि इन प्रोजेक्ट्स की दुकानों के आवंटन में आरक्षण व्यवस्था का भी पूरी तरह पालन किया जा रहा है। इन विलेज मॉल से बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेंगे। विलेज मॉल मॉडल अब पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है।

जनता की जमीन, जनता का मॉल

मुख्य विकास अधिकारी नंद किशोर कलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामपुर के विकास खंड मिलक में प्रदेश का पहला ग्रामीण मॉल तैयार हुआ, जिसे गत वर्ष जनता के पैसों से बनाया गया। 1.60 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए इस मॉल में 43 दुकानें बनाई गई हैं, जिनका आवंटन स्थानीय ग्रामीणों को किया गया है। इससे न केवल सैकड़ों परिवारों को आजीविका प्राप्त हो रही है, बल्कि पंचायत को भी किराये के रूप में हर माह लगभग 30,000 की आय हो रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मॉल के निर्माण में सरकारी निधि का एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। पूरी धनराशि दुकानों के आरक्षित आवंटन के माध्यम से एकत्र की गई है।

महिलाओं और युवाओं को मिलेगा बाजार, गांवों को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विलेज मॉल मॉडल अब पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। इसके माध्यम से महिलाओं, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पादों को स्थानीय स्तर पर एक बड़ा मंच मिलेगा। अब गांवों में भी मॉल जैसी सुविधाएं होंगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। प्रगति मॉल आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह न केवल सरकारी अतिक्रमण हटाने का उदाहरण है, बल्कि जनता की सहभागिता से विकास की मजबूत बुनियाद भी है। रामपुर जनपद की ग्राम पंचायत धमौरा, विकास खंड मिलक में बने प्रगति मॉल के बाद अब तहसील बिलासपुर की मनकरा ग्राम पंचायत में भी शॉपिंग मॉल आधे से अधिक बनकर तैयार हो गया है। तीन करोड़ रुपए की लागत से इसे बनाया गया है। स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के लिए इसमें 28 दुकानें भी बन चुकी हैं।

प्रोजेक्ट में सामाजिक न्याय का भी पूरा ध्यान रखा गया

मुख्य विकास अधिकारी नंद किशोर कलाल ने बताया कि रामपुर मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा बन रहा है। इस प्रयोग की सफलता के बाद गांवों में भी शहर के मॉल जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। सबसे खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में सामाजिक न्याय का भी पूरा ध्यान रखा गया है। यहां दुकानों के आवंटन में आरक्षण व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया गया है।

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