UP: बरेली-मुरादाबाद समेत कई जिलों में ड्रोन से दहशत, सीएम योगी ने दिया गैंगस्‍टर और NSA लगाने का आदेश

UP: बरेली-मुरादाबाद समेत कई जिलों में ड्रोन से दहशत, सीएम योगी ने दिया गैंगस्‍टर और NSA लगाने का आदेश

लखनऊ: इस समय पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के कई जिलों से लेकर उत्‍तराखंड तक नीले लाइट वाले ड्रोन की दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि चोर पहले ड्रोन से रेकी कर रहे, इसके बाद घर साफ कर दे रहे। कई गांवों में रात भर लोग हथियारों के साथ पहरा देते हैं। ऐसे में सूबे के मुखिया योगी आदित्‍यनाथ ने सख्‍त रुख अपनाया है। उन्‍होंने ड्रोन से दहशत फैलाने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय से रविवार (03 अगस्‍त) को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि जो भी व्यक्ति या समूह ड्रोन तकनीक का दुरुपयोग कर जनता में भय या भ्रम का माहौल बनाएगा, उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी केस दर्ज होगा।

बढ़ रही हैं संदिग्ध ड्रोन की घटनाएं

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों खासकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर और संभल से रिपोर्ट आई हैं कि रात के समय आसमान में ड्रोन जैसे उड़न यंत्र दिखाई दे रहे हैं। कुछ जगहों पर इसे चोरी की घटनाओं से जोड़कर अफवाहें भी फैलीं। गांवों में डर इतना बढ़ा कि स्थानीय लोगों ने रात-रात भर पहरा देना शुरू कर दिया।

सीएम योगी का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में ड्रोन गतिविधियों की गहन समीक्षा करें और ड्रोन मॉनिटरिंग सिस्टम को अपडेट करें।

सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में अफवाह फैलाने या भय का माहौल बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी तकनीक का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।

बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक

योगी सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि बिना आधिकारिक अनुमति किसी भी तरह की ड्रोन उड़ान पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियम तोड़ने वालों पर सीधे गैंगस्टर एक्ट और NSA जैसे सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में ड्रोन गतिविधियों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए और जहां जरूरी हो वहां सीसीटीवी और निगरानी टीमों की मदद से सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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