नई दिल्ली: भारतीय सेना के चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार (13 जनवरी) को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी तरह के आतंकी या सैन्य दुस्साहस के लिए हम पूरी तरह तैयार है। भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने बताया कि बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। अगर कोई हरकत होती है तो एक्शन लिया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर, थलसेना, वायुसेना और नौसेना के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण है। ऑपरेशन सिंदूर में 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
रविवार को बॉर्डर के पास ड्रोन देखे जाने के सवाल पर आर्मी चीफ बोले कि वे बहुत छोटे ड्रोन हैं। ये लाइट जलाकर उड़ते हैं। बहुत अधिक ऊंचाई पर नहीं उड़ते और बहुत कम ही दिखाई दिए हैं। 10 जनवरी को करीब 6 ड्रोन देखे गए, जबकि 11 और 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन दिखाई दिए।
आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी की बड़ी बातें
- हाल में देखे गए ड्रोन रक्षात्मक ड्रोन थे, जो यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि कोई कार्रवाई तो नहीं हो रही है। वे जांचना चाहते हैं कि भारतीय सेना कहीं कोई कमी या ढिलाई तो नहीं कर रही, जिससे वे आतंकियों को भेज सकें।
- इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के सामने 8 आतंकी कैंप हैं, जिसमें ट्रेनिंग जैसी गतिविधि चल रही है। सेना नजर बनाए हुए है, एक भी गलती पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
- 7 मई को 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और 10 मई तक 88 घंटे तक चले समन्वित अभियान ने रणनीतिक समीकरणों को बदल दिया। इस दौरान आतंकी ढांचे पर अटैक किए गए। 9 में से 7 लक्ष्यों को नष्ट किया गया। पाकिस्तान की पुरानी परमाणु धमकी की रणनीति को कमजोर किया गया।
- 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे। इनमें पहलगाम हमले के के आतंकी भी थे, जिन्हें ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया।
- जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। विकास के काम तेज हुए हैं। पर्यटन लौट रहा है और अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रही। 2025 में 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए, जो पिछले पांच साल के औसत से ज्यादा है। आतंक से पर्यटन की ओर बढ़ने की प्रक्रिया अब धीरे-धीरे आकार ले रही है।
आर्मी चीफ बोले– 1963 का पाक-चीन समझौता अवैध
आर्मी चीफ ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के समझौते को अवैध मानता है, जिसके तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी में अपना क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि हम वहां किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करते हैं। जहां तक चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का सवाल है। हम इसे स्वीकार नहीं करते। हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं।
हमने 9 में से 7 ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया
जनरल द्विवेदी ने बताया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में उच्च स्तर पर फैसला लिया गया कि निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, जो आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हमलों के रूप में चला। सेना प्रमुख ने कहा, ‘पहलगाम हमले के बाद उच्च स्तर पर स्पष्ट फैसला लिया गया कि निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर को बहुत सटीक तरीके से लागू किया गया। 7 मई को शुरूआत के 22 मिनट में और फिर 10 मई तक कुल 88 घंटों की कार्रवाई में हमने गहराई तक हमला कर आतंक के ढांचे को तोड़ा और पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भी चकनाचूर किया। हमने 9 में से 7 ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।’
शक्सगाम घाटी पर चीन की टिप्पणियों पर भी बोले आर्मी चीफ
आर्मी चीफ ने शक्सगाम घाटी पर चीन की टिप्पणियों पर बोलते हुए कहा, ‘पाकिस्तान और चीन के बीच हुए 1963 के समझौते को भारत गैर-कानूनी मानता है। इसलिए, हम वहां किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करते हैं। CPEC के बारे में मैं जो समझता हूं, हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं, और हम मानते हैं कि यह एक गैर-कानूनी कार्रवाई है जो दोनों देशों द्वारा की जा रही है।’