लखनऊ: राजधानी में मंगलवार (26 अगस्त) से दो दिन का रोजगार महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। शहर में रात से ही युवाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह तक में आयोजन स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के आसपास हजारों युवाओं का जमावड़ा लग गया। सरकार का दावा है कि यह यूपी का सबसे बड़ा रोजगार मेला है। इसमें 100 से अधिक देश-विदेश की कंपनियां हायरिंग करेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न जिलों से आए कैंडिडेट्स सेवायोजन sewayojan.up.nic.in के जरिए यहां बुलाया गया है। कैंडिडेट्स ने कहा- अभी यहां कोई कुछ बताने वाला नहीं है।
8वीं पास से इंजीनियर तक को मिलेगा मौका
सेवा योजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि आठवीं पास से लेकर परास्नातक और डिप्लोमा इंजीनियरिंग तक पढ़ाई कर चुके युवा इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। कार्यक्रम में देश-विदेश की 100 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। तीन मंचों के जरिए युवाओं को उनकी योग्यता और आवश्यकता के अनुसार प्रदेश, देश और विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
ऑनस्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव
महाकुंभ के दौरान कंपनियां ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करेंगी। वहीं रोजगार कॉन्क्लेव में विशेषज्ञ युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। आयोजन स्थल पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें प्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों, कौशल विकास मॉडल और विकास योजनाओं की झलक दिखेगी।
स्टार्टअप और नवाचार पर विशेष फोकस
आयोजन में स्टार्टअप और नवाचार भी बड़ा आकर्षण होंगे। इसमें डेटा-ड्रिवेन सॉल्यूशंस पर काम करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भाग लेंगी। ये कंपनियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई और हार्डवेयर डिजाइन जैसे क्षेत्रों में युवाओं को नौकरी देंगी। तकनीकी और शोध से जुड़े युवा सीधे स्टार्टअप इकोसिस्टम का हिस्सा बन सकेंगे।
तकनीकी युवाओं के लिए सुनहरा मौका
रोजगार महाकुंभ में खासकर मैकेनिकल इंजीनियर और आईटीआई (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग) पास युवाओं के लिए भी अवसर उपलब्ध होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आयोजन प्रदेश में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला साबित होगा।