बरेली: महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में गुरुवार को 23वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल रहीं। समारोह में 111 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 94 टॉपर्स को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज भारत तकनीक का केवल उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि वह विश्व का तकनीकी निर्माता बन चुका है।
राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हमारे जीवन के हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। रिटेल से लेकर लॉजिस्टिक्स तक, कस्टमर सर्विस से लेकर बच्चों के होमवर्क तक, हर जगह एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यह बदलाव भारत की तकनीकी प्रगति और नवाचार क्षमता का प्रतीक है।

कुछ लोग भारत का नाम मिटाने पर लगे हैं
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, आज कुछ लोग भारत का नाम मिटाने में लगे हैं और सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो बनाकर पेश किए जा रहे हैं, जिनमें कहा जाता है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने कहा, इसी तरह के विचारों से जुड़कर कुछ लोग आतंकवादी गतिविधियों में भारत को बचाना है। इन्हीं विचारों से लड़ने के लिए हमें अपने विद्यार्थियों को तैयार करना होगा। पढ़ाई में 4 अंक कम आए तो चलेगा, लेकिन देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमारे रग-रग में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आप सोचिए, जब ये घटनाएं दिल्ली में हो रही हैं और इनमें पढ़े-लिखे लोग शामिल पाए जा रहे हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, अकाउंटेंट, तो यह हमारे समाज और शिक्षा प्रणाली दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संतोष गंगवार को विश्वविद्यालय का पहला ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ प्रदान किया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की पांच प्रमुख परियोजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस अवसर पर देशभर से आए शिक्षाविद, कुलपति प्रो. के.पी. सिंह, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे।