Exercise for Elderly: रोजाना एक्सरसाइज करने से कई बीमारियां शरीर से दूर ही रहती हैं. युवाओं के लिए तो वर्कआउट करना आसान होता है लेकिन बुजुर्गों के लिए यह काफी कठिन होता है. दरअसल, उम्र के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे में हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं. इस उम्र में पाचन तंत्र और इम्यूनिटी कमजोर होती है. जिसकी वजह से बीमारियां बढ़ जाती हैं.हर समय बदन दर्द, हाथ-पैर, घुटनों और कमर में दर्द बनी रहती है. ऐसे में अगर कुछ छोटी-छोटी एक्सरसाइज की जाए तो शरीर को चुस्त-दुरुस्त और फिट बनाया जा सकता है. यहां जानिए बुजुर्गों के लिए 6 बेस्ट एक्सरसाइज…
वॉल पुश–अप्स (Wall Pushups)
बुजुर्गों के लिए सामान्य पुशअप्स लगाना आसान नहीं है. इसलिए उन्हें वॉल पुशअप जरूर करना चाहिए. इस पुशअप्स में आपको एक दीवार के सहारे खड़े होकर पुशअप्स कर सकते हैं. ये पुशअप्स आपके कंधों और छाती को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसको करने के लिए सबसे पहले एक दीवार से थोड़ा दूर खड़े होकर दीवार पर हथेलियों को रख लें और अपने शरीर को सीधा रखकर पुशअप्स करना शुरू करें. इसे करीब 10-15 बार करने की कोशिश करें.
साइड लेग रेज (Side Leg Raise)
इस एक्सरसाइज से शरीर का संतुलन बनाने और निचले स्तर पर शरीर को मजबूत बनाने में मदद मिलती है. इसे आप बिना किसी उपकरण की मदद से कर सकते हैं. इसको करने के लिए जमीन पर दाहिने ओर करवट लेकर लेट जाएं. अपने दाहिने पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाने की कोशिश करें, कुछ देर इसी स्थिति में रुककर वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं. इस प्रक्रिया को रोजाना कम से कम 15 बार जरूर करें.
कंधों को घुमाने की कोशिश करें
बहुत ज्यादा मूवमेंट वाली एक्सरसाइज करने से बुजुर्गों की मांसपेशियों और हड्डियों में चोट लगने का डर रहता है. इसके लिए आप उन एक्सरसाइज को अपनाएं, जिनमें कम चोट का जोखिम हो और फिटनेस सही रहे. कंधों को घुमाने वाले एक्सरसाइज बुजुर्ग कर सकते हैं. इसकी मदद से कंधों और बाजुओं को बेहतर बना सकते हैं. आप सीधे खड़े रहकर कंधों को रोल करना शुरू करें. इससे काफी फायदा मिल सकता है.
बैक स्ट्रेचिंग (Back Stretching)
बुजुर्गों के लिए बैक स्ट्रेचिंग बेस्ट एक्सरसाइज होती है. यह पीठ और कूल्हों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है. इसकी मदद से पीठ को तनाव मुक्त रख सकते हैं और फिट भी महसूस कर सकते हैं. इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं, अपने हाथों को अपने कूल्हों पर रखें. अब कूल्हों पर जोर लगाते हुए पीठ को पीछे की तरफ ले जाएं. तब तक पीठ को पीछे जहां तक संभव हो लेकर जाएं. इसके बाद कुछ देर रुककर वापस पहले वाली कंडीशन में आए.