लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आज योगी सरकार का 10वां बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने सदन में 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू की गई हैं। अब बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाएगी। इसके साथ ही 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। लड़कियों की स्कूटी के लिए 400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। यह पिछली बार के मुकाबले 12.9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने पिछले साल 2025-26 के लिए 8.7 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया था।
पुलिस कर्मियों के वाहन खरीदने के लिए 25 करोड़ मिलेंगे
2016 की तुलना में डकैती में 89%, लूट में 85%, हत्या में 47%, बलवा में 70% और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 62% की कमी आई है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है। 2016 के मुकाबले हत्या में 48%, दहेज मृत्यु में 19%, बलात्कार में 67% और शील भंग के मामलों में 34% की कमी हुई है।
अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े अपराधों में भी गिरावट आई है। हत्या में 43%, आगजनी में 94%, बलात्कार में 32% और गंभीर चोट के मामलों में 10% की कमी दर्ज की गई है।
पुलिस के गैर-आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ और आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
नए जिलों में पुलिस भवनों के निर्माण के लिए 346 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
अग्निशमन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने और नए केंद्रों को पूरी तरह चालू करने के लिए 190 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिसकर्मियों के लिए वाहन खरीदने को 25 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
वित्त मंत्री ने चार शायरियां पढ़ीं
सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं, जो अपने आप को पसीने में।
ये बात अलग है कि तुम ना बदलो मगर जमाना बदल रहा है गुलाब पत्थर पर खिल रहा है। चिराग आंधी में जल रहा है।
यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है। दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है।
“बड़ी मुश्किल से कोई सुबह मुस्कुराती है, और गम हर शाम दबे पांव चली आती है कि वक्त लगता ही नहीं जिंदगी बदलने में, बदलने में वक्त जिंदगी लग जाती है …
आयुष सेवाओं के लिए 2,867 बजट मिला
आयुष सेवाओं के लिए करीब 2,867 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
प्रदेश में इस समय 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी और 1,585 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा 8 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, 2 यूनानी मेडिकल कॉलेज और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अपने संबंधित अस्पतालों के साथ काम कर रहे हैं।
आयुर्वेद और यूनानी अस्पतालों में अच्छी और प्रमाणित दवाइयों की आपूर्ति के लिए प्रदेश में लखनऊ और पीलीभीत में दो सरकारी औषधि निर्माणशालाएं चल रही हैं। सरकार इन्हें मजबूत करने और इनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और हथकरघा को क्या मिला, जानिए
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME)
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए 3,822 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 19 प्रतिशत ज्यादा है।
एमएसएमई सेक्टर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र से प्रदेश में करीब 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे यूपी देश में अग्रणी है।
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई योजना सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन शुरू करने जा रही है। इसके लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके तहत हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
नई योजना “एक जनपद, एक व्यंजन” के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
हथकरघा और वस्त्रोद्योग
हथकरघा और वस्त्रोद्योग से जुड़ी योजनाओं के लिए 5,041 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, जो पिछले साल से पांच गुना से भी ज्यादा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30 हजार नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश को गारमेंटिंग हब बनाने के लिए पीएम मित्र पार्क योजना के तहत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है।
हथकरघा और पावरलूम बुनकरों के हित में अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उत्तर प्रदेश वस्त्र और गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
लड़िकयों को स्कूटी के लिए 400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे
योगी सरकार ने उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में खास ध्यान दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 6,591 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत ज्यादा है।
मेधावी छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 400 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस योजना में योग्य छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी, ताकि उन्हें कॉलेज और विश्वविद्यालय आने-जाने में सुविधा मिल सके।
युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार नए विश्वविद्यालयों की स्थापना पर भी जोर दे रही है। विंध्याचल मंडल में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर), मुरादाबाद मंडल में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) और देवीपाटन मंडल में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) के लिए 50-50 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नई योजना के तहत 21 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में उच्च शिक्षा का विस्तार होगा और युवाओं को बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे।
चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ मिला
चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा है।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम पूरे प्रदेश में लागू है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हर ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं।
8 दिसंबर 2024 से चले पल्स पोलियो अभियान में प्रदेश भर में 3 करोड़ 28 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।
जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए प्रदेश के 42 संवेदनशील जिलों में टीकाकरण अभियान लगातार चल रहा है।
आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 49.22 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
बीमारियों पर नजर रखने के लिए एकीकृत रोग निगरानी पोर्टल पर 16 संक्रामक रोगों, 6 टीकाकरण से बचाव योग्य बीमारियों और कोविड-19 की नियमित रिपोर्टिंग की जा रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8,641 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
16 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
प्रदेश में इस समय कुल 81 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं।
अभी 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा है। बाकी 16 जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं।
सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें 2017 में 4,540 थीं, जिन्हें बढ़ाकर 12,800 कर दिया गया है।
इसी तरह पीजी सीटों की संख्या 2017 में 1,221 थी, जो अब बढ़कर 4,995 हो गई है।
14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
गंभीर और असाध्य रोगों के इलाज के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा देने हेतु 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
मजदूरों के लिए लेबर अड्डे बनाए जाएंगे
अपने घर और गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण किया जाएगा।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता होने पर 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।
प्रदेश में पहली बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए मोबाइल हेल्थ वैन की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है।
प्रदेश और देश के बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है, ताकि इच्छुक श्रमिकों को बेहतर नौकरी मिल सके।
पुलिस विभाग में 2.19 लाख भर्तियां की गईं
2017 से अब तक पुलिस विभाग में 2 लाख 19 हजार से ज्यादा भर्तियां की गई हैं। इनमें 1.83 लाख पुरुष और 35 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 1.58 लाख पुलिसकर्मियों को पदोन्नति भी दी गई है।
पुलिस विभाग में चयनित 60,244 सिपाहियों का प्रशिक्षण चल रहा है। वहीं, अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
मिशन रोजगार के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1,939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक और 219 प्रधानाचार्यों सहित कुल 8,966 नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं।
2017 से अब तक सहायता प्राप्त गैर-सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिए जा रहे हैं, ताकि वे छोटे उद्योग शुरू कर सकें। हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 20 करोड़ से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। इस योजना से 47 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार मिला है।