- जन शिक्षण संस्थान के दीक्षांत समारोह में महिला सशक्तिकरण की सीख
लखनऊ: जन शिक्षण संस्थान तथा आईआईऐ लखनऊ चेप्टर के संयुक्त तत्वाधान में उद्यमिता में कौशल की महत्ता और दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 240 घंटे के असिस्टेंट ड्रेस मेकर तथा ब्यूटी केयर असिस्टेंट प्रशिक्षण में प्रशिक्षित की गई अपवंचित वर्ग की 100 महिलाओं व किशोरियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कौशल से महिला सशक्तिकरण की सीख देते हुए कहा कि महिलाओं ने अपने कौशल के बल पर सिद्ध कर दिया है कि आज वे किसी से भी कम नहीं हैं, बस उन्हें अवसर मिलना चाहिए।

महिलाओं को अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं करनी है
उन्होंने कहा, सामाजिक कुरीतियों व महिला उत्पीड़न की रोकथाम के लिए महिला आयोग सजग व सक्रिय है तथा प्रत्येक शिकायत के निराकरण पर तत्काल कार्यवाही की जा रही है। महिलाओं को अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं करनी है। वे सरकार की योजनाओं से जुड़कर एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हों तथा अपने व अपने परिवार को आर्थिक रूप से सबल व सक्षम बनाएं। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर आयोग की 10 प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। वहीँ, व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग यूपी के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कौशल को आजीविका का साधन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार द्वारा युवाओं को केवल कौशल प्रशिक्षण ही नहीं प्रदान किया जा रहा है बल्कि उन्हें रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। साथ ही उनके आर्थिक उन्नयन के लिए भी अनेक अभिनवी कारगर उपाय भी किए जा रहे हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को उद्यमिता की ओर किया जा रहा अग्रसर
उन्होंने हुनर के साथ संप्रेषण कौशल कला की महत्ता भी बताई ताकि वे अपने कौशल को बेहतर ढंग से लोगों के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन लखनऊ चेप्टर की उपाध्यक्ष आनंदी अग्रवाल ने बताया कि उनके महिला प्रकोष्ठ द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को उद्यमिता की ओर अग्रसर किया जा रहा है जिससे उनका आत्मविश्वास जागृत हो रहा है। साथ ही उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने जन शिक्षण संस्थान योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया और बताया कि संस्थान द्वारा प्रति वर्ष 1800 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उनका प्रमाणन भी किया जा रहा है।