बरेली: बरेली हिंसा के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर बुलडोजर एक्शन जारी है। मंगलवार (02 दिसंबर) को समाजवादी पार्टी के नेता सरफराज बली खान और राशिद खान के सूफी टोला स्थित ऐवान-ए-फरहत बरातघर पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया। मौके पर दो बुलडोजर पहुंच चुके हैं। पांच थानों की पुलिस फोर्स भी पहुंची। बुलडोजर और पुलिस टीम से महिलाओं की झड़प हो गई।
इससे पहले यहां रहने वाले परिवारों ने कार्रवाई का विरोध किया। महिलाओं ने रोते हुए रहम की गुहार लगाई, लेकिन बीडीए की टीम ने बरातघर को अवैध निर्माण बताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान मालियों की पुलिया से सूफीटोला जाने वाले रास्ते को ताज पैलेस के पास पुलिस ने गाड़ी खड़ी करके बंद कर दिया है। स्थानीय लोगों को ही यहां पैदल या बाइक से जाने दिया जा रहा है, बाहरी लोगों को जाने की फिलहाल पाबंदी है।
मानक के विपरीत बने हैं बरातघर
सूफी टोला में संकरे रास्ते के एक छोर पर बना ऐवान-ए-फरहत बरातघर सरफराज वली खां का है, जो अरसे से सपा से जुड़े हैं। वह सपा के कद्दावर नेता आजम खां के बेहद करीबी हैं। ऐवान-ए-फरहत से सटा गुड मैरिज बरातघर राशिद खां का है। राशिद कारोबारी हैं और बरेली बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी बताए जा रहे हैं। बीडीए के मुताबिक दोनों ही बरातघर मानक के विपरीत बने हैं।
आजम खां के नगर विकास मंत्री रहने के दौरान रहे सरफराज अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। शहर में आजम खां जब भी आते हैं तो सरफराज के घर उनका स्वागत होता है। सरफराज ने अब बेटे सैफ वली खान को सपा की राजनीति में जमाने की कोशिश की है। सैफ कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं। बिना नक्शे के बना बरातघर टूटने की स्थिति में सैफ के टिकट की दावेदारी कमजोर पड़ सकती है।
बवालियों को उकसाने में आ रहा नाम
गुड मैरिज मैरिज हॉल के मालिक राशिद खान का किसी पार्टी से सीधा जुड़ाव नहीं है। वह मूल रूप से व्यवसायी है। सूत्र बताते हैं कि सूफी टोला से बड़ी संख्या में लड़के 26 सितंबर को हुए बवाल में शामिल थे। इनमें से कुछ तो जेल भेज दिए गए और कई अब भी घरों से दूर रिश्तेदारियों या दूसरे शहरों में रह रहे हैं। इन लड़कों को उकसाने व आर्थिक मदद करने में इलाके के कई संपन्न लोगों का नाम आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि राशिद भी इन्हीं में से एक हैं।
इससे पहले सोमवार को पुलिस फोर्स की कमी के चलते बुलडोजर नहीं चल सका था। बता दें कि 23 नवंबर को मोहम्मद आरिफ की तीन मंजिला बिल्डिंग और दो मंजिला बिल्डिंग पर बुलडोजर चला था। इस तरह अब तक तौकीर रजा के करीबियों की 250 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है।
तौकीर बरेली हिंसा का मास्टरमाइंड
- तौकीर रजा पर बरेली में 26 सितंबर की हिंसा का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। पुलिस ने अब तक 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें हत्या की साजिश, भीड़ को उकसाने, पुलिस पर हमले और पेट्रोल बम फेंकने, लूटपाट करने, दंगा कराने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
- शुरुआती जांच में इनमें से 7 मामलों में तौकीर रज़ा को नामजद किया गया था, बाद में शेष तीन मामलों में भी उनकी भूमिका पाए जाने पर उनका नाम बढ़ा दिया गया। अब तक 10 में से चार मामलों में सुनवाई हो चुकी है।
- तौकीर अभी फतेहगढ़ जेल में बंद है। हाल ही में एक मामले में उसे कोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके बावजूद तौकीर का जेल से बाहर नहीं आ पाया था। वजह थी- उस पर दर्ज कई अन्य मामले।
अब तक 250 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर बुलडोजर
सबसे पहले तौकीर के भतीजे और सपा पार्षद ओमान रजा के अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन को ध्वस्त किया गया। फिर नफीस के बारातघर, मोहम्मद आरिफ की 16 दुकानों वाली दो मंजिला मार्केट और फ्लोरा गार्डन के पास बने तीन मंजिला सुपर मार्केट को गिराया गया। अब तक बीडीए और नगर निगम करीब 250 करोड़ की अवैध संपत्ति को सील और ध्वस्त कर चुका है।