Weather Update: देश में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न हिस्सों में बने चक्रवाती प्रसार के कारण कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा अपडेट में आने वाले दिनों के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश तक की चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम में इस व्यापक बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और हवाओं का चक्रवाती प्रसार है।
बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर उत्तर भारत तक पहुंचने वाली प्रणाली है, जो बारिश और बर्फबारी का कारण बनती है। इस समय यह प्रणाली पंजाब के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम भी प्रभावी है, जिससे बादलों का निर्माण और वर्षा गतिविधियां तेज हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार 17 मार्च की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम और अधिक उथल-पुथल होने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मौसम ज्यादा प्रभावित रहने के आसार हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी मौसम अस्थिर बना हुआ है। झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है, जहां हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवा चलने के आसार है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम का असर और अधिक तीव्र रहने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक 17 मार्च को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है। इन इलाकों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश दर्ज होने का अनुमान है। साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों में 4 से 7 डिग्री तक गिरावट संभव है। मध्य भारत में भी कुछ दिनों बाद तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है। वहीं पश्चिमी भारत विशेषकर गुजरात और महाराष्ट्र में भी हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।