Akhilesh Yadav on Mayawati: बीएसपी मुखिया मायावती ने लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया। मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने सपा सरकार पर तंज भी कसा। दरअसल, मायावती ने कहा था कि बसपा सरकार में कांशीराम के सम्मान में स्मारक स्थल बनाया गया था। सपा सरकार ने स्मारक के रखरखाव के लिए टिकट से आए पैसे दबा लिए और कांशीरामजी के नाम पर बने स्मारक की ठीक से देखभाल नहीं की।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसका जवाब दिया है। पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि हमने लखनऊ विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि लखनऊ में बने कांशीराम स्मारक की देखभाल करें। वहां पर लगे पेड़ सूख गए थे तो दूसरे पेड़ लगवाए। उन्होंने कहा कि कांशीराम स्थल में लगे खजूर के पेड़ सूख गए थे तो हमने क्रोशिया लगवाया था। भाजपा राज में स्मारकों के पत्थर काले पड़ गए हैं क्योंकि अब इसकी देखभाल ठीक से नहीं हो रही है।
"समाजवादी पार्टी और नेताजी ने वंचित शोषित लोगों को कैसे राजनीतिक सम्मान मिले सदा उसके लिए काम किया। मान्यवर काशीराम जी को इटावा से सांसद बनने के लिए नेताजी और समाजवादी लोगों का सहयोग रहा।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/F1X6Y2Ciqg
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 9, 2025
हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे: अखिलेश
अखिलेश यादव सपा मुख्यालय में मीडिया के सामने बसपा सुप्रीमो मायावती के आरोपों का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा सरकार ने स्मारक के रखरखाव के लिए टिकट से आए पैसे दबा लिए और कांशीरामजी के नाम पर बने स्मारक की ठीक से देखभाल नहीं की और अब पीडीए की बात कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे। नेताजी ने कांशीरामजी का सहयोग किया था और इटावा से सांसद बनने में उनकी मदद की थी। उन्होंने कहा कि 2027 में यूपी में सपा की सरकार बनेगी और भाजपा की विदाई होगी।
"अंदरूनी सांठ-गांठ अभी जारी है।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/32uy9rLHn4
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 9, 2025
क्या कहा था मायावती ने?
वहीं, इससे पहले लखनऊ में कांशीराम जयंती के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने जनता को संबोधित किया. मायावती ने कहा कि बसपा सरकार में कांशीराम के सम्मान में स्मारक स्थल बनाया गया था। हमने अपने कार्यकाल में कांशीराम स्मारक पर पर्यटकों के लिए टिकट की व्यवस्था की थी और यह तय किया था कि टिकट का पैसा केवल स्मारक और पार्क के रखरखाव में लगाया जाएगा, लेकिन जब अखिलेश यादव की सरकार आई तो उन्होंने टिकट का पैसा दबाकर रख लिया और खर्च नहीं किया. स्थलों की हालत बहुत जर्जर हो गई थी.” उन्होंने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि स्मारक के देखने आने वालों की टिकट से आया पैसा इस सरकार ने सपा की सरकार की तरह टिकट का पैसा दबाकर नहीं रखा। भाजपा सरकार ने ऐसा नहीं किया बल्कि स्मारक के रखरखाव के लिए खर्च किया।