चमोली: उत्तराखंड के चमोली में 28 फरवरी को सुबह 7:15 बजे हिमस्खलन (एवलांच) हुआ। बर्फ का पहाड़ खिसका, जिसकी चपेट में 55 लोग आ गए। कल रात 8 बजे तक 33 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया था। आज सुबह 14 लोगों को निकाला गया। अब बाकी बचे आठ लोगों की तलाश जारी है।
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि सेना के 4 हेलिकॉप्टरों का उपयोग किया जा रहा है। 7 लोगों को जोशीमठ अस्पताल लाया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF के 200 से ज्यादा जवान लगे हुए हैं। घटना बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर दूर चमोली के माणा गांव में हुई है। वहीं, ब्रिगेडियर एमएस ढिल्लों ने कहा कि सेना कल सुबह से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। पूरी रात बचाव अभियान चलाया गया। आज 14 लोगों को बचाया गया है। उन्हें इलाज के लिए ले जाया जा रहा है, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।
PM मोदी ने घटना की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है। धामी ने बताया कि चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के कुल 57 लोग काम कर रहे थे, जिसमें से 2 लोग छुट्टी पर थे। घटना के समय सभी मजदूर कंटेनर हाउस में थे। उसी दौरान बर्फ का बड़ा हिस्सा पहाड़ से नीचे आया और मजदूर दब गए।
बिहार, यूपी और उत्तराखंड के 11-11 मजदूर एवलांच में फंसे
55 मजदूरों में बिहार के 11, उत्तर प्रदेश के 11, उत्तराखंड के 11, हिमाचल प्रदेश के 7, जम्मू-कश्मीर के 1 और पंजाब के 1 मजदूर शामिल हैं। उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी लिस्ट में 13 मजदूरों के नाम हैं, लेकिन उनका पता और मोबाइल नंबर नहीं है। बाकी मजदूरों की पूरी जानकारी है। वहीं, आज CM धामी आज घटनास्थल पर जाएंगे।
हादसे में फंसे 55 लोगों की लिस्ट
4 लोगों की हालत गंभीर
शुक्रवार को रेस्क्यू किए गए सभी मजदूरों को माणा गांव में आईटीबीपी कैंप लाया गया है। यहां उनका इलाज चल रही है। 4 लोगों की हालत गंभीर है। हादसे को लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने SDRF के अधिकारियों के साथ बैठक की। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को लेकर उत्तराखंड के CM, सेना, ITBP और NDRF के अधिकारियों से बातचीत की।