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UPITS 2025: इंडिया एक्सपो मार्ट में लगेगा विकास और निवेश का महाकुंभ

UPITS 2025: ओडीओपी प्रदर्शनी में उत्पादों के जरिए हर जिला बताएगा अपनी पहचान, अपनी कहानी
  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में दिखेगी निवेश और औद्योगिक विकास की झलक

UPITS 2025: उत्तर प्रदेश अब निवेश और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन चुका है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 में भी इसकी एक झलक देखने को मिलेगी।  ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले इस मेगा शो के मास्टर एग्जिबिशन लेआउट के अनुसार प्रदेश के प्रॉयरिटी सेक्टर्स, राइजिंग सेक्टर्स और चैंपियन सर्विसेज सेक्टर्स को विशाल क्षेत्रफल अलॉट किया गया है। मास्टर लेआउट के मुताबिक हॉल-1 से लेकर हॉल-8 तक और हॉल-15 बी2बी गतिविधियों के लिए, जबकि हॉल-9, हॉल-10 और हॉल-12 बी2सी के लिए अलॉट हैं।

हॉल-11 और हॉल-14 को बी2बी और बी2सी दोनों का हब बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने यूपीआईटीएस को न सिर्फ प्रदेश का, बल्कि देश का एक भविष्य निर्धारक निवेश मंच बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। निवेशकों, उद्यमियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को आकर्षित करने वाला यह आयोजन उत्तर प्रदेश को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान देने वाला साबित होगा।

ग्राउंड फ्लोर पर होंगी औद्योगिक गतिविधियां

मास्टर लेआउट के मुताबिक ग्राउंड फ्लोर पर हॉल-1 में यूपीसीडा और इन्वेस्ट यूपी को 2,156 स्क्वायर मीटर क्षेत्र दिया गया है। हॉल-2 में जीनीडा, यीडा, सिविल एविएशन और रूस के पवेलियन के लिए 2,400 स्क्वायर मीटर जगह अलॉट हुई है। हॉल-5 को यूपीएलसी पवेलियन, स्टार्टअप्स, आईटी/आईटीईएस और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 1,930 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में सजाया जाएगा, जो प्रदेश के प्रॉयरिटी सेक्टर्स में शामिल है। वहीं, हॉल-7 को टूरिज्म विभाग, स्टेट वॉटर एवं सैनिटेशन मिशन, क्लीन ग्रुप और नोएडा अथॉरिटी के लिए 2,000 स्क्वायर मीटर एरिया में बनाया गया है। इसे चैंपियन सर्विसेज हॉल का दर्जा दिया गया है।

हॉल-9 में लगेगी ओडीओपी प्रदर्शनी

प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी)” के लिए हॉल-9 को 3,300 स्क्वायर मीटर क्षेत्रफल में भव्य प्रदर्शनी स्थल बनाया जाएगा। हॉल-10 नए वेंचर्स और महिला उद्यमियों के लिए समर्पित है, जिसे 3,300 स्क्वायर मीटर जगह मिली है। हॉल-11 में यूपीएसआरएलएम, जीआई प्रोडक्ट्स, एफएसडीए (फूड), एफएमसीजी, फिशरीज और एनीमल हस्बैंड्री सेक्टर्स के स्टॉल्स 3,300 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में लगेंगे। ये तीनों हॉल (9, 10 और 11) को राइजिंग सेक्टर के रूप में मान्यता दी गई है। हॉल-12 में कृषि एवं संबद्ध उद्योग, डेयरी, हॉर्टीकल्चर और गन्ना-चीनी सेक्टर को 3,300 स्क्वायर मीटर में प्रदर्शित किया जाएगा। हॉल-14 को टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्ट्स (हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, टेक्सटाइल और खादी) के लिए 3,300 स्क्वायर मीटर जगह मिली है। हॉल-15 में इन सेक्टर्स के अलावा वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक भी शामिल होंगे, यह भी 3,300 स्क्वायर मीटर एरिया में होगा। इसी तरह, हॉल-18ए को सीएम युवा और हॉल-18बी को क्रेडाई (रीयल एस्टेट) तथा ट्रांसपोर्ट (ऑटो/ईवी) के लिए अलॉट किया गया है।

सेकेंड फ्लोर पर होंगे सांस्कृतिक गतिविधियां

सेकेंड फ्लोर पर भी व्यापक आयोजन होंगे। हॉल-2 को इनॉगरेशन, बी2बी मीटिंग्स, प्लीनरी सेशन और नॉलेज सेशन के लिए 2,000 स्क्वायर मीटर क्षेत्र दिया गया है। हॉल-4 में “यूपी एट ए ग्लांस” का प्रदर्शन होगा, जबकि हॉल-6 को 2,000 स्क्वायर मीटर में रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर एनर्जी, पॉवर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और अर्बन डेवलपमेंट के लिए तैयार किया गया है। हॉल-8 में एफएसडीए (ड्रग्स), आयुष, स्वास्थ्य और अस्पताल, उच्च शिक्षा, यूपीएसडीएम, बैंक और फाइनेंस, वन विभाग तथा सिंचाई विभाग को 2,032 स्क्वायर मीटर जगह मिली है। इसी तल पर सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी एरिया तय किया गया है।

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