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UP: योगी सरकार ने आठ साल में किए ये बदलाव, शिक्षा के क्षेत्र में लिखी नई कहानी

UP: योगी सरकार ने आठ साल में किए ये बदलाव, शिक्षा के क्षेत्र में लिखी नई कहानी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के आठ साल पूरे हो गए हैं। इन आठ सालों में शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। सरकार ने शिक्षा को सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाया है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत लाखों बच्चों को स्कूल ड्रेस, बैग, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं दी गईं। पीएम श्री योजना से हजारों स्कूलों को आधुनिक बनाया गया। नए विश्वविद्यालयों और तकनीकी पाठ्यक्रमों से युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। भाजपा की मानें तो साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब थी। बच्चों के पास न तो ड्रेस थी, न किताबें और न ही बेहतर पढ़ाई का माहौल।

ऑपरेशन कायाकल्‍प ने बदली स्थिति

योगी सरकार ने “ऑपरेशन कायाकल्प” शुरू किया, जिससे सरकारी स्कूलों की स्थिति पूरी तरह बदल गई। 1.91 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते, मोजे, स्कूल बैग और स्टेशनरी दी गई। स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, शौचालय और स्वच्छ पेयजल की सुविधाएं बढ़ाई गईं। अभिभावकों के खातों में हर साल सीधे पैसा भेजा जा रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।

यूपी के 1565 विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं

योगी सरकार शिक्षा को डिजिटल और आधुनिक बनाने में जुटी है। पीएम श्री योजना के तहत 1565 सरकारी स्कूलों को पूरी तरह हाई-टेक बनाया गया है। 6481 स्कूलों को नए सिरे से बनाया गया, 57 कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण हो रहा है, जहां प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की शिक्षा एक ही कैंपस में मिलेगी। इसके साथ ही स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर, वाई-फाई और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को 12वीं तक अपग्रेड किया

बालिकाओं और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का विस्तार हुआ। योगी सरकार ने बालिकाओं और पिछड़े गांवों में शिक्षा के लिए खास कदम उठाए हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को 12वीं तक अपग्रेड किया गया, पहले ये सिर्फ 8वीं तक थे। वंटागिया गांवों में 22 प्राथमिक और 11 उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले गए, जिससे गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिल सके। अटल आवासीय विद्यालयों के जरिए गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा और आवास की सुविधा दी जा रही है।

तकनीकी शिक्षा में क्रांति और युवाओं को नई ट्रेनिंग

संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू कीं। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा को भी नई ऊंचाई दी गई है। 6 नए विश्वविद्यालय सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मीरजापुर, देवीपाटन और मुरादाबाद में स्थापित किए गए। 150 आईटीआई संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3D प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स जैसे नए कोर्स शुरू किए गए। इसके अलावा संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की गईं।

50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन किए वितरित

डिजिटल क्रांति के तहत 50 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए। युवाओं को डिजिटल ताकत देने के लिए सरकार ने 2 करोड़ स्मार्टफोन और टैबलेट बांटने का लक्ष्य रखा है। अब तक 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं।

शिक्षा से सशक्त होगा उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश का हर बच्चा शिक्षित हो और हर युवा आत्मनिर्भर बने। स्कूलों में सुधार, नई यूनिवर्सिटी, डिजिटल शिक्षा और तकनीकी कोर्स युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि हर गांव, हर जिले में बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिले और उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में नंबर 1 बने।

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