UP Weather: उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्मी से राहत मिलने वाली है। अगले 48 घंटे के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह के यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। बादल और बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में आगामी 4 दिनों के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट हो सकती है। 15-17 मार्च के दौरान न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है।
मौसम विभाग ने 15-16 मार्च के लिए पूर्वांचल और बुलेंदखंड के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 15 और 16 मार्च को पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी में हल्की बारिश होगी और कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं।
इन जिलों में बारिश के साथ पड़ सकते हैं ओले
मौसम विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, 15 और 16 मार्च को देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान ओले भी पड़ने की संभावना है। देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर और उसके आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना सबसे अधिक है।
17 मार्च तक इन जिलों में खराब रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 16 और 17 मार्च को प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान ओले भी पड़ सकते हैं। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती में ओलावृष्टि की संभावना सबसे अधिक है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।