लखनऊ: भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में प्रारंभ किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्रीय अस्मिता, देशभक्ति और जनगौरव का प्रतीक बन चुका है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करना, युवाओं को भारत के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना तथा आमजन में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और स्वतंत्रता के प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना का विकास करना है। विगत तीन वर्षों से यह अभियान अपार जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस बार भी उत्तर प्रदेश में अभियान को और अधिक व्यापक, प्रभावशाली और उत्साहपूर्ण बनाने की दिशा में सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। वर्ष 2025 में यह अभियान 02 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है, जो तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा।
प्रथम चरण में (02 अगस्त से 08 अगस्त 2025) समस्त विद्यालयों की दीवारों एवं सूचना बोर्डों की तिरंगा सजावट, तिरंगा प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता, तिरंगा राखी बनाने की कार्यशालाएं, सैनिकों और पुलिस कर्मियों को आभार पत्र एवं राखी प्रेषण, तथा तिरंगा बुनाई एवं धागा से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। द्वितीय चरण (09 अगस्त से 12 अगस्त 2025) में तिरंगा महोत्सव, भव्य मेला व म्यूजिकल कॉन्सर्ट, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल्स का प्रदर्शन एवं विक्रय, तिरंगा रैलियों, यात्राओं, सेल्फी बूथों एवं ‘हर घर तिरंगा’ वेबसाइट पर सेल्फी अपलोड करने की गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। तृतीय चरण (13 अगस्त से 15 अगस्त 2025) में शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी भवनों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, बांधों व पुलों को तिरंगा लाइटिंग से सजाया जाएगा।
इस वर्ष 4.60 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य निर्धारित
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 4.60 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें विगत वर्षों में उपयोग किए गए लगभग 2 करोड़ झंडों को स्मृति चिह्न के रूप में पुनः प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। शेष 2.60 करोड़ तिरंगों का निर्माण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिसकी सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर ली गई हैं। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह एक भावनात्मक संकल्प है, जो राष्ट्र की सांस्कृतिक गरिमा और नागरिक चेतना को सशक्त करता है। तिरंगा केवल रंगों का मेल नहीं, यह राष्ट्र की आत्मा, संघर्षों की गाथा और स्वतंत्रता का प्रतीक है।