बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर से 200 मीटर दूर एक खंभे में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आने से दो दुकानदारों की मौत हो गई। हादसा सावन के चौथे सोमवार से एक दिन पहले हुआ। हादसे के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घायलों को रामनगर सीएचसी पहुंचाया गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मौके पर पुलिस टीम तैनात है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कल सावन के सोमवार को लेकर यहां पर पहले से दुकानें लग रही थीं। बारिश की वजह से यहां चारों तरफ पानी भरा है। श्रद्धालु भी आ रहे हैं। श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है, वहां एक खंभा लगा है। दोनों दुकानदार वहीं पर अपनी दुकान लगा रहे थे, तभी अचानक खंभे से करंट उतरा। यह जमीन में भरे पानी में फैल गया।
बिजली विभाग से रुकवाई गई सप्लाई
करंट उतरने की बात कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही दोनों दुकानदार इसकी चपेट में आ गईं। एक व्यक्ति दोनों को बचाने लगा, तो वह भी झुलस गया। वहीं, दो श्रद्धालु पास से गुजर रहे थे, वो भी करंट के झटके से दूर जा गिरे। हादसे के बाद हम लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को मामले की सूचना दी। सप्लाई रुकवाई। उसके बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत और थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडेय भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में खुले तारों और पोलों के संपर्क में पानी जमा होने से इस तरह के हादसे होते हैं। लेकिन, बिजली विभाग कोई कदम नहीं उठाता।
मामले की जांच कर रही पुलिस
वहीं, इस मामले में रामनगर एसडीएम गुंजिता अग्रवाल का कहना है कि सुबह से ही तेज बारिश हो रही थी। बिजली के खंभे में करंट उतर जाने से दो लोगों की मौत हो गई है। मामले की जांच की जा रही है।
इससे पहले तीसरे सोमवार (28 जुलाई) को बाराबंकी के अवसानेश्वर महादेव मंदिर में भगदड़ मच गई थी। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी और 29 लोग घायल हुए थे।