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फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के दो और ठिकानों का खुलासा, यूनिवर्सिटी से सटे खेत में बने कमरे में रखा था विस्‍फोटक  

फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के दो और ठिकानों का खुलासा, यूनिवर्सिटी से सटे खेत में बने कमरे में रखा था विस्‍फोटक  

नई दिल्‍ली: दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल की जांच कर रही रार्ष्‍टीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो बड़े खुलासे किए हैं। दोनों ही खुलासे अल-फलाह यूनिवर्सिटी के गिरफ्तार सर्जन डॉ. मुजम्मिल शकील को लेकर हैं। पहला तो यह है कि उसने हरियाणा में फरीदाबाद फतेहपुर तगा और धौज में ही नहीं, बल्कि खोरी जमालपुर गांव में भी एक ठिकाना किराए पर ले रखा था।

खोरी जमालपुर गांव में पूर्व सरपंच जुम्मा का 3 बेडरूम, किचन, हॉल वाला मकान यह कहकर किराए पर लिया था कि कश्मीरी फलों का व्यापार करेंगे। इस मकान में मुजम्मिल कई बार डॉ. शाहीन सईद के साथ आया। दूसरा खुलासा अमोनियम नाइट्रेट को लेकर है। जांच में पता चला है कि आतंकी मॉड्यूल ने फतेहपुरा तगा और धौज में विस्फोटक बनाने का सामान छिपाने से पहले इसे यूनिवर्सिटी के पास ही स्टोर करके रखा था।

कमरे में करीब 12 दिन रखा था विस्‍फोटक

करीब 2540 किलो विस्फोटक अल-फलाह यूनिवर्सिटी से सटे खेतों में बने एक कमरे में करीब 12 दिन रखा रहा था। इसके बाद चोरी होने या किसी को पता चलने के डर से गांव फतहेपुर तगा में इमाम इश्तियाक के पुराने घर में शिफ्ट कर दिया था। यहीं तैयार विस्फोटक दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल किया गया। सोमवार की रात को NIA डॉ. मुजम्मिल ​​​​​​को यहां पर नि‌शानदेही के लिए लेकर आई। जहां पर गांव के पूर्व सरपंच जुम्मा ने उसको देखकर उसकी पहचान की।

8 हजार रुपये में पूर्व सरपंच ने मकान किराए पर लिया

NIA की जांच में पता चला है कि डॉ. मुजम्मिल शकील ने अप्रैल से लेकर जुलाई 2025 तक अल-फलाह यूनिवर्सिटी से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर तीन बेडरूम का मकान 8 हजार रुपए प्रति महीने के हिसाब से किराए पर लिया था। ये मकान गांव खोरी जमालपुर के पूर्व सरपंच जुम्मा का है। जुम्मा की रोड पर प्लास्टिक रॉ मटेरियल की फैक्ट्री है। इसी के ऊपर ये कमरे बने हुए हैं।

खेतों पर बने कमरे में रखा रहा विस्फोटक

अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चारों तरफ खेत हैं। यूनिवर्सिटी की मस्जिद के पास गांव तगा के रहने वाले किसान बदरू की जमीन है। मुजम्मिल ने अमोनियम नाइट्रेट के कट्‌टों को यहीं पर लाकर रखा था। डॉ. मुजम्मिल की गाड़ी से शाम के समय कट्‌टों को यहां पर उतारा गया था।

किसान बदरू के खेत मस्जिद के पास हैं। बदरू नमाज पढ़ने मस्जिद में आता था। यहीं पर डॉ. मुजम्मिल ने उससे संपर्क बना लिया और अमोनियम नाइट्रेट के कट्‌टों को कुछ दिन रखने के लिए राजी कर लिया। इस जगह को मुहैया कराने में इमाम इश्तियाक ने मदद की थी।

करीब 12 दिन तक रखे रहे कट्‌टे

जांच में पता चला है कि बदरू के खेत में बने कमरे (कोठड़े) में करीब 12 दिन तक अमोनियम नाइट्रेट के कट्‌टों समेत दूसरा सामान रखा रहा। बदरू ने ज्यादा दिन होने के बाद मुजम्मिल को कहा कि सामान चोरी होने का डर है, इसलिए अपना सामान यहां से हटा लिजिए। इसके बाद मुजम्मिल ने पूरे सामान को गांव फतेहपुर तगा में इमाम इश्तियाक के घर के कमरे में शिफ्ट कर दिया।

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