उत्तर प्रदेश, राजनीति

बसपा संस्‍थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि, मायावती बोलीं- ब्राह्मण हमारे साथ आए, इसलिए सपा बौखलाई

बसपा संस्‍थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि, मायावती बोलीं- ब्राह्मण हमारे साथ आए, इसलिए सपा बौखलाई

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज कांशीराम जयंती पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से वोटों की ताकत से सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए एकजुट होने को कहा। उन्होंने कहा कि बसपा ही बहुजन समाज की असली पार्टी है। बाकी सभी पार्टियां स्वार्थ की साथी हैं।

मायावती ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा- कांशीराम ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच और मूवमेंट को पूरे देश में जिंदा किया। बहुजन समाज को एकजुट करने के लिए ऐतिहासिक काम किया। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। हमारे सभी कार्यकर्ता बसपा मूवमेंट से जुड़कर मिशनरी और ईमानदार अंबेडकरवादी बनें और अपने वोट की शक्ति से सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करें।

सपा पर साधा निशाना

कांशीराम जयंती को ‘पीडीए दिवस’ के रूप में मनाने पर बसपा ने सपा पर हमला बोला। उन्होंने एक प्रेस नोट जारी कर कहा- इनका पीडीए प्रेम सिर्फ छलावा है। इन लोगों को इन वर्गों और इनके महापुरुषों की याद सिर्फ चुनाव के वक्त ही आती है। सरकार बन जाने पर वे उन्हें दरकिनार करने में जरा-सा भी वक्त नहीं लगाते।

दरअसल, कांशीराम की 92वीं जयंती पर प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज हैं। बसपा ने ‘चलो लखनऊ’ का नारा देते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे हैं। जबकि उनकी जयंती को सपा की बाबा साहेब आंबेडकर वाहिनी, ‘पीडीए दिवस’ के रूप में मना रही। वहीं, 13 मार्च को कांग्रेस ने भी राजधानी में कांशीराम की जयंती पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया था। राहुल गांधी इसमें शामिल हुए थे। कांग्रेस ने कांशीराम को भारत रत्न देने का प्रस्ताव भी पास किया। तय हुआ कि राहुल गांधी संसद में इस प्रस्ताव को रखेंगे।

BSP ही ‘बहुजन समाज’ की ‘असली पार्टी’

मायावती ने 9 माल एवेन्यू स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय में कांशीराम की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नक्शेकदम पर चलने वाली BSP ही ‘बहुजन समाज’ की ‘असली पार्टी’ है। सपा और दूसरी विरोधी पार्टियां कथनी और करनी में भारी अंतर वाले दल हैं। इनसे सावधान रहकर ही बाबा साहेब के अधूरे कारवां को आगे बढ़ाकर कांशीराम जी के सपनों को साकार किया जा सकता है।

पार्टी से दगा करने वालों से सतर्क रहने की जरूरत

उन्‍होंने कहा कि हमें सांसदी और विधायकी का लालच देकर ‘बहुजन समाज’ के वोट की शक्ति को कमजोर करने वाली पार्टियों से सावधान रहना होगा। इसके साथ ही निजी लाभ के लिए पार्टी और मूवमेंट से दगा करने वालों से भी उचित दूरी बनाकर रखने की जरूरत है। ऐसे ही लोगों के कारण बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण के बाद उनका आत्म-सम्मान का मूवमेंट बिखरा रहा।

सपा, काम की कम और नाम की पार्टी ज्यादा

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि दलितों, पिछड़ों और मुस्लिम समाज का शोषण करने वाली पार्टियों में खासकर सपा और अब इनका पीडीए प्रेम छलावा है। चुनावी स्वार्थ के अलावा इनका कोई और मकसद नहीं होता। सपा, कांग्रेस और भाजपा की तरह ही ‘बहुजन समाज’ के लिए काम की कम और नाम की पार्टी ज्यादा है। यह कोई आरोप नहीं, बल्कि इन पार्टियों का इतिहास है।

कांशीराम को भारतरत्न से सम्मानित करने में देरी न करे भाजपा

पूर्व सीएम ने कहा, मुस्लिम समाज ने पहले ही सपा समेत तमाम विरोधी पार्टियों से काफी हद तक दूरी बना ली है। अब ब्राह्मण समाज के भी बसपा से जुड़ने से सपा की राजनीतिक और जातिवादी दुश्मनी और तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहेब को भारतरत्न से सम्मानित नहीं किया। अब केंद्र की भाजपा सरकार भी कांशीराम को भारतरत्न से सम्मानित करने में देरी कर रही है।

दरअसल, शुक्रवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पास किया गया था।

बातें कम और काम अधिक’ की नीति में विश्वास करती है बसपा

मायावती ने कहा कि लोगों को अच्छी तरह से पता है कि बसपा ‘बातें कम और काम अधिक’ की नीति में विश्वास करती है। दूसरी पार्टियां केवल हवाहवाई बातों, लुभावनी घोषणाओं और दावों के साथ-साथ ‘अच्छे दिन’ के हसीन सपनों के जरिए बरगलाने में ही जनता को उलझाए रखना चाहती हैं। जिसके चक्रव्यू में फंसकर जनता का जीवन काफी कुछ त्रस्त बना हुआ है।

प्रदेश के 12 मंडलों से लखनऊ आए बसपाई

लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर प्रदेश के 12 मंडलों से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी ने प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने की अपील की थी। सोशल मीडिया पर भी ‘15 मार्च चलो लखनऊ’ अभियान चलाया गया।

पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की जा रही है। गौतमबुद्ध नगर में भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कांशीराम को श्रद्धांजलि देकर उनके विचारों को याद किया।

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