गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर एक वृहद एवं बहु-आयामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की श्रृंखला में मुख्य समारोह, एक जीवंत युवा संसद, प्रभात फेरी और एक पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किए गए।
मुख्य कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के स्टेडियम में किया गया, जहां विधि संकाय के 2000 से अधिक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर एक प्रभात फेरी भव्य का भी आयोजन किया गया, जिसे कुलपति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
युवा संसद का जीवंत प्रस्तुतीकरण
कुलपति प्रोफेसर टंडन ने स्वयं इस रैली का नेतृत्व करके छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। यह फेरी क्रीड़ा संकुल से प्रारंभ होकर विश्वविद्यालय चौराहा, डी.एम. आवास से होते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुई। संविधान दिवस के त्रिदिवसीय आयोजनों की श्रृंखला में दूसरे दिन विधि के विद्यार्थियों द्वारा 130वें संवैधानिक संशोधन पर एक जीवंत युवा संसद का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित नादायन में किया गया। इस युवा संसद में पक्ष और विपक्ष के सांसदों के रूप में विद्यार्थियों ने विधेयक पर जोरदार बहस की और अपने तर्कों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विधि छात्राओं द्वारा लिखित पुस्तक ट्रायल ऑफ इन्हेरिटेड हेट्रेड का विमोचन किया गया। इस पुस्तक का विमोचन कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इन कार्यक्रमों में मुख्य रूप से बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, विधि विभाग के अध्यक्ष और अधिष्ठाता प्रो. जितेंद्र मिश्रा, राजा महेंद्र प्रताप सिंह अलीगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो चंद्रशेखर, बी.ए. एलएल.बी. कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. अहमद नसीम, प्रो. सतीश चंद पांडे तथा विधि विभाग एवं विभिन्न अन्य विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे।