Akhilesh Yadav: सपा मुखिया अखिलेश यादव बीजेपी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते. एक बार फिर अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए दोनों उपमुख्यमंत्रियों की अनदेखी का आरोप लगाया है. अयोध्या दीपोत्सव में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक का नाम न होने पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कहा कि जिन्हें विज्ञापन में जगह नहीं मिली उनकी सरकार में क्या अहमियत है? सपा चीफ अखिलेश यादव ने सवाल पूछते हुए कहा कि जनता पूछ रही है क्या बीजेपी सरकार में उप मुख्यमंत्री के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं. यही नहीं उन्होंने अयोध्या सांसद को कार्यक्रम में न बुलाने का भी मुद्दा उठाया है. फिलहाल अभी इस पोस्ट पर बीजेपी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.
जिनको जगह तक न मिली इश्तहार में
उनकी क्या अहमियत बची सरकार मेंजनता पूछ रही है कि उप्र भाजपा सरकार में ‘उप मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिये गये हैं क्या? आश्चर्य की बात ये है कि विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे हैं लेकिन डिप्टी सीएम साहब लोगों के नहीं! कहीं… pic.twitter.com/fqNxAa82H0
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 19, 2025
अखिलेश यादव का पोस्ट
रविवार शाम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा..जिनको जगह तक न मिली इश्तहार में, उनकी क्या अहमियत बची सरकार में. जनता पूछ रही है कि उप्र बीजेपी सरकार में ‘उप मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिये गये हैं क्या? आश्चर्य की बात ये है कि विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे हैं लेकिन डिप्टी सीएम साहब लोगों के नहीं! कहीं यहाँ भी ‘हाता नहीं भाता’ या ‘प्रभुत्ववादी सोच’ तो हावी नहीं हो गयी. एक तरफ डबल इंजन की लड़ाई में कोई एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में किसी को साइड में बैठाकर ऐतिहासिक अपमान कर देता है तो वो महानुभाव आज अपने विज्ञापन में उनको साइड में खड़ा दिखाकर हिसाब बराबर करते दिख रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ ‘मुख्य’ जी उसी विज्ञापन में अपने ‘उप’ लोगों का जिक्र तक नहीं करते हैं. बीजेपी में डबल इंजन ही नहीं, इंजन से डबल डिब्बे भी टकरा रहे हैं. बीजेपी सरकार ने अयोध्या के पीडीए सांसद को दीपोत्सव में न बुलाकर जो कृत्य किया है उससे संपूर्ण पीडीए समाज बेहद आहत हुआ है. उस बीजेपी से क्या उम्मीद करना, जो वर्चस्ववादी सोच के अंहकार में डूबी है और अपनों की ही सगी नहीं है. अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर!
जनता पूछ रही है कि उप्र भाजपा सरकार में ‘उप मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिये गये हैं क्या… विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे हैं लेकिन डिप्टी सीएम साहब लोगों के नहीं… कहीं यहाँ भी ‘हाता नहीं भाता’ या ‘प्रभुत्ववादी सोच’ तो हावी नहीं हो गयी
अबकी बार, डिप्टी… pic.twitter.com/A7XhBXJeJh
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 19, 2025