नई दिल्ली: दुनिया के 6वें सबसे अमीर कारोबारी लैरी एलिसन की कंपनी ओरेकल ने लगभग 30 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छंटनी में भारत के 12 हजार कर्मचारी हैं। कर्मचारियों को सुबह 6 बजे इनबॉक्स में टर्मिनेशन लेटर मिले। कुछ ही मिनटों में उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया। कंपनी अगले महीने छंटनी का दूसरा दौर भी शुरू कर सकती है।
अमेरिका, भारत, कनाडा और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों को “ओरेकल लीडरशिप” की ओर से जानकारी भेजी गई थी। बिजनेस इनसाइडर ने ये ईमेल देखा है। उसमें लिखा था- ओरेकल की मौजूदा व्यावसायिक जरूरतों पर विचार करने के बाद, हमने एक बड़े संगठनात्मक बदलाव के तहत आपके पद को खत्म कर दिया है। आज आपका आखिरी वर्किंग डे है। हमारी कंपनी में आपके योगदान के लिए धन्यवाद।
पर्सनल ई-मेल एड्रेस देने को कहा
ई-मेल में कर्मचारियों से भविष्य के पत्राचार के लिए अपना पर्सनल ई-मेल एड्रेस देने के लिए भी कहा गया। कंपनी ने साफ किया कि इन ई-मेल आईडी का इस्तेमाल केवल सेवरेंस पैकेज और ट्रांजिशन सपोर्ट (नौकरी बदलने में मदद) से जुड़ी बातचीत के लिए ही किया जाएगा।
AI की वजह से कर्मचारियों को निकाला
एक सीनियर मैनेजर माइकल शेफर्ड ने लिंक्डइन पर लिखा कि सीनियर इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, ऑपरेशंस लीडर्स, प्रोग्राम मैनेजर्स और टेक्निकल स्पेशलिस्ट्स को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह छंटनी परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं की गई है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट में सीनियर कर्मचारियों के हवाले से कहा गया है कि कंपनी AI में भारी निवेश कर रही है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। ओरेकल अंदरूनी तौर पर AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। इसकी मदद से कम कर्मचारी ज्यादा काम कर पा रहे हैं।
ओरेकल ने छंटनी की वजह नहीं बताई
इतने बड़े पैमाने पर हुई छंटनी और अगले राउंड की खबरों पर जब ओरेकल से आधिकारिक प्रतिक्रिया मांगी गई, तो कंपनी ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
16 घंटे की शिफ्ट का विरोध करने पर निकाला
ओरेकल के एक पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने दावा किया कि उन्हें सितंबर में निकाल दिया गया था। उन्होंने कंपनी के 16 घंटे के वर्क शिफ्ट कल्चर का विरोध किया था। श्रीधर का दावा है कि इस विरोध की वजह से ही उन्हें निकाला गया। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल के कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
एक्सपर्ट इसे इनविजिबल लेऑफ कह रहे
एक्सपर्ट्स इसे ‘इनविजिबल लेऑफ’ कह रहे हैं, जहां कंपनियां बड़ी घोषणाएं करने के बजाय धीरे-धीरे और बिना किसी शोर के वर्कफोर्स कम कर रही हैं। पिछले तीन महीनों में अमेजन, मेटा और डेल जैसी कंपनियों को मिलाकर करीब 94,000 से ज्यादा लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं।
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल है ओरेकल
ओरेकल दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है। यह दूसरी कंपनियों को सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा देती है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार लैरी एलिसन ओरेकल के को-फाउंडर, चेयरमैन और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं।