Swami Avimukteshwaranand: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज अदालत के एक आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अदालत ने उनके और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश यौन शोषण के आरोपों के संबंध में दिया गया है। शंकराचार्य ने अदालत के इस आदेश को उचित बताया है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने पर ही जांच प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद गवाही दर्ज की जाएगी। तभी उनके खिलाफ दर्ज झूठे मामले की सच्चाई सबके सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने वाले जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जा सकेगा। इसलिए यह कदम आवश्यक है। शंकराचार्य ने अदालत से आग्रह किया कि इस मामले को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें अधिक समय न लिया जाए, क्योंकि कई लोग इस मामले पर नजर रख रहे हैं। गवाही जल्द से जल्द दर्ज की जानी चाहिए। निर्णय भी शीघ्र लिया जाना चाहिए।
VIDEO | Varanasi: Shankaracharya Avimukteshwarananda reacts to the Prayagraj court order, saying, “Yes, it is appropriate. Only when a case is registered will the subsequent process of investigation and recording of testimony be completed. Only then will the truth of the false… pic.twitter.com/2BbzaHpjTV
— Press Trust of India (@PTI_News) February 21, 2026
पहली नजर में हमें न्याय मिला: शिकायतकर्ता
शिकायत करने वाले आशुतोष पांडे ने कहा कि आज कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद जैसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश उन नाबालिग बच्चों के लिए जारी किया गया है। पहली नजर में हमें न्याय मिला है। अविमुक्तेश्वरानंद छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकतें, यौन अपराध करता था। एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के साथ ही कोर्ट ने हमारे दिए गए सबूतों की जांच का भी आदेश दिया है।