गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय’ अभियान और ‘दहेज मुक्त, नशा मुक्त भारत’ शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम को दो चरणों में सम्पन्न किया गया। पहले ‘पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय’ अभियान के तहत सामूहिक अध्ययन सत्र हुआ, जिसमें छात्रों ने विभिन्न समूहों में अध्ययन कर शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उसके बाद ‘दहेज मुक्त, नशा मुक्त भारत’ शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने दहेज और नशा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया।
विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने सामूहिक अध्ययन और शपथ ग्रहण कर समाज में दहेज और नशा जैसी बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता जताई। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा, शिक्षा सिर्फ ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त साधन है। कार्यक्रम के माध्यम से हम सबने यह संकल्प लिया है कि शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ समाज को दहेज और नशा जैसी कुरीतियों से मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में एनएसएस के स्वयंसेवकों तथा गृह विज्ञान से सामने खुले मैदान में एनसीसी के कैडेट्स के साथ ही सभी विभागों में विद्यार्थियों ने कार्यक्रमों में सहभागिता की। छात्र-छात्राओं ने एनएसएस, एनसीसी, डीडीयूजीयू, जी-20, और रुपये के प्रतीक जैसी आकृतियां बनाकर शिक्षा और सामाजिक सुधार का संदेश दिया।