लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने इन्फ्राविजन प्रा. लि. कंपनी के नाम पर जमीन रजिस्ट्री के जरिए धोखाधड़ी करने वाले आरोपी प्रमोद कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ करीब डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपी को ज्योतिनगर मोड़, कान्हा उपवन, थाना मोहनलालगंज, लखनऊ से 15 जून (रविवार) को शाम लगभग 5 बजे गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, 11बी/25, आवास विकास, वृन्दावन योजना-3, सेक्टर 11बी, थाना पीजीआई, लखनऊ (मूल निवासी- ग्राम खरौनी, थाना बांसडीह, जनपद बलिया) का रहने वाला है।
दरअसल, प्रमोद उपाध्याय पर आरोप है कि उसने इन्फ्राविजन प्राइवेट लिमिटेड नाम की रियल एस्टेट कंपनी के जरिए आकर्षक और झूठे ऑफर्स देकर सैकड़ों लोगों से जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी की। पीड़ितों को फर्जी दस्तावेज और झूठे प्लॉट दिखाकर रजिस्ट्री कराई जाती थी, जबकि असल में जमीन या तो अस्तित्व में नहीं होती थी या उस पर उनका स्वामित्व नहीं था।
एसटीएफ के मुताबिक, प्रमोद उपाध्याय ने पूछताछ में खुलासा किया कि कंपनी उसके बड़े भाई विनोद उपाध्याय और पिता हरिद्वार उपाध्याय द्वारा संचालित की जाती थी। वह खुद कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि था। धोखाधड़ी से कमाए गए धन को उसने खलीलाबाद, प्रतापगढ़ और रक्सौल जैसे स्थानों पर कॉम्प्लेक्स और अन्य प्रॉपर्टी में निवेश किया।
धोखाधड़ी का तरीका
- भोले-भाले निवेशकों को आकर्षक स्कीम दिखाकर प्लॉट खरीदने के लिए फंसाया जाता था।
- उन्हें ऐसा भरोसा दिलाया जाता कि वे प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी से डील कर रहे हैं।
- रजिस्ट्री के बाद पीड़ितों को जमीन पर कब्जा नहीं दिया जाता।
- शिकायत करने पर उन्हें झूठा आश्वासन दिया जाता कि पैसा वापस कर दिया जाएगा।
- विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाया गया, जो ज़्यादा बार साइट विजिट नहीं कर सकते थे।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि प्रमोद उपाध्याय अपने पुराने कार्यालय, कान्हा उपवन, पर कुछ जरूरी दस्तावेज हटाने आने वाला है। इस सूचना पर भरोसा करते हुए, निरीक्षक आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
अभियुक्त के खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमे:
प्रमोद उपाध्याय पर निम्नलिखित थानों में कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं:
- थाना सरोजनीनगर: IPC 420, 406, 323, 427, 452 समेत कई धाराएं
- थाना आशियाना: IPC 420, 504, 506 व अन्य
- थाना PGI: IPC 147, 307, 325, 3(2)(T) SC/ST Act, Arms Act
- थाना कैण्ट और मोहनलालगंज: IPC 406, 420, 409, 316(2) BNS सहित अन्य केस।
अभी जारी है जांच
एसटीएफ द्वारा अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और उससे जुड़े अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही, जिन संपत्तियों में धोखाधड़ी से अर्जित धन को निवेश किया गया, उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त को थाना मोहनलालगंज, लखनऊ में दर्ज मामलों के आधार पर स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। आगे की विधिक कार्यवाही और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।