-
एक महीने में साढ़े चार करोड़ वोटर कहां गायब हो गए, चुनाव आयोग जवाब दे
SIR In UP: यूपी में एसआईआर को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार, चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारी और योगी सरकार के कर्मचारियों ने मिलकर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के साथ अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में 17 करोड़ मतदाता बताए गए, फिर गहन पुनरीक्षण के नाम पर यह संख्या घटाकर 12 करोड़ 55 लाख कर दी गई, यानी साढ़े चार करोड़ मतदाता एक महीने में गायब कर दिए गए। यह सीधा-सीधा लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
संजय सिंह ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत, बीडीसी, जिला पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अलग-अलग मतदाता सूचियां तैयार कीं और इन्हीं सूचियों के आधार पर दिसंबर 2025 में बताया गया कि प्रदेश में कुल 17 करोड़ मतदाता हैं। लेकिन जब इन्हीं कर्मचारियों ने गहन पुनरीक्षण किया तो अचानक दावा किया गया कि शहरी और ग्रामीण मिलाकर प्रदेश में सिर्फ 12 करोड़ 55 लाख मतदाता हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक महीने में साढ़े चार करोड़ मतदाता कहां चले गए?
यूपी में फर्जी वोटर बनवाने का खेल कर रही भाजपा
संजय सिंह ने कहा, अगर यह गहन पुनरीक्षण सही था तो 4 करोड़ 50 लाख मतदाताओं को किस आधार पर सूची से उड़ाया गया? उन्होंने कहा, यह गलती नहीं, बल्कि योजनाबद्ध धांधली है, जिसकी पूरी जांच होनी चाहिए। संजय सिंह ने खुलासा किया कि जैसे ही 4 करोड़ 50 लाख मतदाता साफ किए गए, उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक लाख 77 हजार बूथ हैं, यानी भाजपा करीब साढ़े तीन करोड़ वोट उत्तर प्रदेश में बढ़ाने की तैयारी में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिहार, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और राजस्थान से लोगों को लाकर उत्तर प्रदेश में फर्जी तरीके से वोटर बनवाने का खेल कर रही है।
संजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग को यह बताना होगा कि साढ़े चार करोड़ मतदाता कहां गए, किसके आदेश पर यह धांधली की गई और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। आप सांसद संजय सिंह ने कहा, की एसआईआर के नाम पर उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है और अगर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी गहन जांच कराई तो कई लोग जेल जाएंगे। उन्होंने बताया कि वह मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिख रहे हैं और इस मुद्दे को संसद के सत्र में भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि कनाडा की पूरी आबादी से ज्यादा मतदाता उत्तर प्रदेश में मताधिकार से वंचित कर दिए गए हैं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।