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Silk Expo 2026: राकेश सचान बोले- आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में रेशम उद्योग बना सशक्त आधार

Silk Expo 2026: राकेश सचान बोले- आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में रेशम उद्योग बना सशक्त आधार
  • किसानों, बुनकरों और उद्यमियों को रेशम उद्योग से मिल रहे स्थायी रोजगार के अवसर

Silk Expo 2026: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बाजार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सिल्क एक्सपो–2026 का उद्घाटन किया। मंत्री ने प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप की उपस्थिति में पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान का वितरण किया तथा रेशम मित्र–2025 पत्रिका का विमोचन भी किया।

Silk Expo 2026: राकेश सचान बोले- आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में रेशम उद्योग बना सशक्त आधार

अनुरूप रेशम उत्पादन कर आत्मनिर्भर बने यूपी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश में रेशम उत्पादन ने आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस और परिणामोन्मुखी कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 में रेशम विभाग की स्थापना के समय प्रदेश में मात्र 27 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन होता था, जो आज बढ़कर लगभग 450 से 500 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। वर्ष 2022 में उत्पादन लगभग 300 मीट्रिक टन था, जिसे बीते चार वर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 50 मीट्रिक टन की वृद्धि के साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में रेशम की वार्षिक खपत लगभग 5 से 6 हजार मीट्रिक टन है, जिसमें अकेले वाराणसी एवं आसपास के क्षेत्रों में ही 3500 से 4000 मीट्रिक टन रेशम की खपत होती है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश अपनी आवश्यकता के अनुरूप रेशम उत्पादन कर आत्मनिर्भर बने, जिससे किसानों, बुनकरों और उद्यमियों को स्थायी रोजगार और आय के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना को मिली है स्वीकृति

मंत्री सचान ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं केंद्रीय रेशम बोर्ड की योजनाओं के अंतर्गत कुशीनगर, बलरामपुर, गोंडा, लखीमपुर, श्रावस्ती, महाराजगंज, बस्ती, औरैया एवं सहारनपुर सहित विभिन्न जनपदों में नई मल्टी रीलिंग इकाइयों की स्थापना की गई है। वर्ष 2024-25 में 1630 लाभार्थियों को कीटपालक गृह निर्माण एवं उपकरण क्रय हेतु 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई, जबकि वाराणसी में रेशम वस्त्रों की बुनाई, रंगाई एवं वस्त्र निर्माण हेतु 75 इकाइयों को 2.16 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1100 नए लाभार्थियों को रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिए 18.10 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें जनजाति वर्ग के लाभार्थी भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना को स्वीकृति दी गई है, जिसके अंतर्गत 10 वर्षों में 13,500 किसानों को 9,000 एकड़ भूमि पर शहतूत वृक्षारोपण से जोड़ते हुए 360 मीट्रिक टन अतिरिक्त रेशम धागा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

रेशम उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि हुई: नरेन्द्र कश्यप

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से प्रतिवर्ष 2000 से 2500 नए किसानों को रेशम कीटपालन से जोड़कर उत्पादन, रोजगार और आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। रेशम उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सिल्क एक्सपो–2026 के अंतर्गत आयोजित पं. दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह में रेशम उद्योग से जुड़े कृषकों, बुनकरों, उद्यमियों, डिजाइनरों एवं कार्मिकों को आठ श्रेणियों में प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार के रूप में कुल 16 विशिष्ट जनों को सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार 50,000 रुपये तथा द्वितीय पुरस्कार 25,000 रुपये की नगद धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।

Silk Expo 2026: राकेश सचान बोले- आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में रेशम उद्योग बना सशक्त आधार

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