नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के 134 शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों सहित अन्य राज्यों के जिलाध्यक्षों की बैठक शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में संगठन की मजबूती को लेकर कई बड़े फैसले हुए। पार्टी टिकट वितरण की प्रक्रिया में भी बड़ा फेरबदल करने जा रही है। इसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) को अधिक अधिकार देने की तैयारी है। टिकट वितरण में अब जिलाध्यक्षों की अहम भूमिका होगी। साथ ही उनकी जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी।
बैठक की जानकारी देते हुए पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि अब कांग्रेस DCC को ऑटोनॉमस तरीके से काम करने की छूट देगी। टिकट वितरण में उनकी राय को शामिल किया जाएगा। पार्टी DCC को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगी, जिससे वे AICC और PCC के कार्यक्रम जमीन तक लागू कर सकें। पार्टी अब जमीनी कार्यकर्ताओं को सिर्फ कार्यकर्ता नहीं रहने देना चाहती। अब जिला स्तर के नेताओं को नीति बनाने और फैसले लेने में भी शामिल किया जाएगा। यही नहीं, संगठन के भीतर पावर का विकेंद्रीकरण होगा, जिससे निर्णय ऊपर से नीचे न आकर, नीचे से ऊपर जाएं।
पार्टी का जनाधार भी होगा मजबूत
पवन खेड़ा ने बताया कि DCC को आर्थिक ताकत देने के लिए भी विचार किया गया है। जल्द ही इस दिशा में बड़े फैसले लिए जाएंगे। इससे कांग्रेस की जिला इकाइयां खुद से कैंपेन, आंदोलन और कार्यक्रम चला सकेंगी। पार्टी की कोशिश है कि 2027 को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की रीढ़ जिला संगठन को मज़बूत किया जाए। अब पार्टी की रणनीति है कि नीचे से नेतृत्व उभरे और वही असली बदलाव लाए। कांग्रेस संगठन के इस नए मॉडल को अगर जमीन पर ठीक से उतारा गया, तो पार्टी न केवल गुटबाजी से उबरेगी, बल्कि जनाधार भी मजबूत होगा।
हर राज्य से दो-दो जिलाध्यक्षों को मिला बोलने का मौका
बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने हर प्रदेश से दो जिलाध्यक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया। राहुल गांधी और खड़गे ने खुद उनके सवालों के जवाब दिए और सुझावों को नोट किया। संगठन को जिला स्तर पर मजबूती प्रदान करने के कई सशक्त सुझाव आए।
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि अब जिलाध्यक्ष केवल अपने कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें बड़े नेताओं की भी मॉनिटरिंग करनी होगी- कौन कितनी बैठक में आ रहा है, कितने कार्यक्रमों में शामिल हो रहा है, सबकी रिपोर्ट ली जाएगी। राहुल ने साफ किया कि फील्ड में निष्क्रिय और बैठक से नदारद नेताओं को हटाया जाएगा, जिससे ईमानदारी से काम करने वालों को आगे लाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आपके पास अब ताकत भी होगी, लेकिन जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ेगी।
सपा से गठबंधन पर फीडबैक मांगे
बैठक में जिलाध्यक्षों से सपा से गठबंधन के फायदे-नुकसान पर सुझाव मांगा गया। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारी करने का आह्वान किया गया। जिलाध्यक्षों ने कहा कि पूर्व विधायक और पदाधिकारियों का जरूरत से ज्यादा दखल होता है, जिससे संगठन स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाता। इस पर राहुल ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर AICC से मॉनिटरिंग करवाई जाएगी।
सोशल मीडिया की ट्रेनिंग और डिजिटल जिम्मेदारियां
बैठक में कुल 6 प्रजेंटेशन पेश किए गए। मीडिया, सोशल मीडिया, संगठन की संरचना, ट्रेनिंग और विभिन्न शहरों में कांग्रेस की संपत्तियों के उपयोग को लेकर प्रजेंटेशन दिए गए। कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की ओर से जिलाध्यक्षों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ट्रेनिंग दी गई। बताया गया कि आने वाले समय में जिला स्तर पर भी सोशल मीडिया टीमों की बड़ी जिम्मेदारी होगी।