उत्तर प्रदेश, राजनीति

यूपी में UGC का विरोध, भाजपा नेता ने सवर्ण सांसदों को भेजीं चूड़ियां; शहर-शहर प्रदर्शन

यूपी में UGC का विरोध, भाजपा नेता ने सवर्ण सांसदों को भेजीं चूड़ियां; शहर-शहर प्रदर्शन

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन हो रहा है। रायबरेली में बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौरक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजी हैं। उनका कहना है कि जनता ने इन नेताओं को वोट देकर विधायक, मंत्री बनाया, लेकिन वे अब इस एक्ट का विरोध करने से बच रहे हैं। ऐसे नेताओं को राजनीति छोड़कर घर के काम करने चाहिए।

वाराणसी जिला मुख्यालय के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। प्रदर्शन में छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हैं। लोग UGC नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और नारेबाजी के साथ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। सोनभद्र में सवर्ण समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय का घेराव किया। फर्रुखाबाद में लोगों ने नारेबाजी की- ‘प्रधानमंत्री गद्दी छोड़ो…अभी तो ये अंगड़ाई है… आगे और लड़ाई है।’ प्रतापगढ़ में केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सवर्ण एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।

कुमार विश्‍वास ने भी कसा तंज

UGC को लेकर कुमार विश्वास ने तंज कसा है। उन्‍होंने सोशल मीडिया पर लिखा- “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं… मेरा रोंया-रोंया उखाड़ लो राजा।”

उधर, गोंडा से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने UGC मुद्दे को लेकर फेसबुक पोस्ट के जरिए तीखा निशाना साधा है। विधायक ने अपनी पोस्ट में इतिहास के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए लिखा कि जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के अत्याचारों को अतीत की बात कहकर भुला दिया जाता है, वहीं भारतीय समाज के एक वर्ग को लगातार ऐतिहासिक अपराधी बताकर वर्तमान में प्रतिशोध का शिकार बनाया जा रहा है।

UGC के विरोध में भाजपा नेताओं का इस्तीफा

भाजपा युवा मोर्चा नोएडा महानगर के जिला उपाध्यक्ष राजू पंडित ने पद से इस्तीफा दे दिया। लेटर में उन्होंने लिखा- UGC जैसा कानून सवर्ण जाति के बच्चों के भविष्य के लिए घातक है। UGC बिल को वापस लिया जाना चाहिए। देशभर में युवाओं और सामाजिक संगठनों में नाराजगी है।

रायबरेली में भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष (सलोन ब्लॉक) श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बताया कि UGC द्वारा सवर्ण बच्चों के विरोध में लाए गए काले कानून से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने कहा- सवर्ण जाति के बच्चों के साथ सरकारों द्वारा पहले से ही जातिगत राजनीति की जाती रही है। ऐसे में इस कानून के लागू होने से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

इससे पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की वजह UGC का नया कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई है।

UGC विरोध को लेकर यूपी में क्या-क्‍या हो रहा है?

बहराइच में हर-हर मोदी, सवर्ण विरोधी के नारे लगाए

बहराइच में सामान्य वर्ग के लोगों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हर-हर मोदी, सवर्ण विरोधी के नारे लगाए गए।

एटा में करणी सेना ने बैनर लेकर नारेबाजी की

एटा में UGC पर सवाल उठाते हुए समाज और करणी सेना के लोगों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों ने पैदल यात्रा निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान यूजीसी कानून के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई और इसे वापस लेने की मांग की गई।

कुशीनगर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

कुशीनगर में जिला मुख्यालय पर सवर्ण समाज से जुड़े कई संगठनों के कार्यकर्ता UGC के विरोध में जुटे। जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर यूजीसी को काला कानून वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी भी की।

कुशीनगर में विश्व बजरंग मंगल दल के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष हाउस अरेस्ट

कुशीनगर में UGC एक्ट के विरोध में आंदोलन की चेतावनी देने वाले विश्व बजरंग मंगल दल के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष डॉ. रवि राय भारद्वाज को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब वह अपने आवास से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे थे।

भदोही में लोग बोले– सवर्ण समाज में डर का माहौल

भदोही में कलेक्ट्रेट परिसर में सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के जरिए यूजीसी को काला कानून बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। विनय कुमार उपाध्याय ने कहा कि इस कानून से सवर्ण समाज में भय का माहौल बन गया है और लोगों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की एकता और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए इस कानून को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि पूरे देश में सवर्ण समाज इससे आहत है और यह कानून समाज में नकारात्मक संदेश दे रहा है।

वाराणसी में महिलाएं चूड़ियां लेकर प्रदर्शन कर रहीं

वाराणसी में कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठीं रंजन सिंह ने यूजीसी के संशोधित नियमों को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह सवर्ण समाज के हित में नहीं, बल्कि अहितकारी है और इसके दुरुपयोग की लगातार संभावना रहेगी। उन्होंने कहा कि वह चूड़ियां लेकर आई हैं, जो उन सवर्ण और ब्राह्मण नेताओं व अधिकारियों के लिए हैं जो इस कानून के खिलाफ खुलकर आवाज नहीं उठा रहे हैं।

रंजन सिंह ने बताया कि सभी प्रदर्शनकारी मिलकर ये चूड़ियां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को भेजेंगे, ताकि सरकार तक अपना विरोध और नाराजगी पहुंचाई जा सके।

BHU में छात्र बोले- यह नियम सिर्फ दो वर्गों के लिए बनाया गया

वाराणसी के BHU में सवर्ण वर्ग के छात्र हाथ में पोस्टर लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट से मिलने पहुंचे। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति के पास पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कहा कि यह नियम सिर्फ दो वर्गों के लिए बनाया गया है। हम लोग भेदभाव का शिकार हुए हैं। सरकार इसको वापस ले, अन्यथा अब स्कूल कॉलेज में भी एक साथ बैठकर लोग नहीं पढ़ेंगे।

गोंडा में अधिवक्ताओं का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

गोंडा जिले में अधिवक्ताओं ने यूजीसी बिल के विरोध में “यूजीसी बिल वापस लिया जाए” लिखे पोस्टर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर “यूजीसी बिल वापस लो, काला कानून वापस लो” के नारे लगाए। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से एडीएम को सौंपते हुए बिल को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और इस पर रोक लगाने की मांग की।

अधिवक्ताओं का कहना है कि यह बिल शिक्षा की निष्पक्षता और विद्यालयी वातावरण को प्रभावित करेगा, झूठी शिकायतों के आधार पर छात्रों का भविष्य खराब होने का खतरा है और बिना संसदीय व सामाजिक सहमति के ऐसे संवेदनशील फैसले लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

सोनभद्र में सवर्ण आर्मी की जिला महिला सचिव बोलीं– जातिगत विभाजन बढ़ रहा

सोनभद्र में सवर्ण आर्मी की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया। सवर्ण आर्मी की जिला महिला सचिव आरती पांडेय ने बताया कि यह कार्यक्रम यूजीसी एक्ट में सवर्ण समाज के साथ भेदभाव के विरोध में आयोजित किया गया है। उनका आरोप है कि इन नियमों से कॉलेजों में जातिगत विभाजन बढ़ रहा है और आपसी संघर्ष को बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में आज प्रदर्शन किया जा रहा है और 22 फरवरी 2026 को जंतर-मंतर, दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आरती पांडेय ने मांग की कि जातिगत आरक्षण समाप्त कर सभी को समान अवसर दिए जाएं और शिक्षा में किसी भी तरह का बंटवारा नहीं होना चाहिए।

बिजनौर में लोग नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे

बिजनौर में UGC के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर पर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और यूजीसी एक्ट को समाप्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान सरकार से नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए आक्रोश जताया गया।

जौनपुर में सवर्ण आर्मी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को सवर्ण आर्मी के प्रदेश सचिव प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को ज्ञापन सौंपा। प्रवीण तिवारी ने कहा कि सरकार को यूजीसी कानून तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि जो काम सांसदों और विधायकों को करना चाहिए था, वह एक अधिकारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जौनपुर में प्रदर्शन के बाद यह आंदोलन लखनऊ तक ले जाया जाएगा।

शाहजहांपुर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

शाहजहांपुर में करणी सेना के पदाधिकारियों ने यूजीसी कानून के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस कानून से स्वर्ण छात्रों का भविष्य अंधकारमय होगा और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *