तेल अवीव/तेहरान: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का गुरुवार (12 मार्च) को 13वां दिन हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान जंग में अमेरिका जीत चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने केंटकी राज्य में रैली के दौरान कहा कि जंग के पहले ही घंटे में साफ हो गया था कि अमेरिका आगे है और अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी कमजोर कर दिया है।
वहीं, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को बताया कि ईरान जंग के शुरुआती 6 दिन में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर (लगभग ₹1 लाख करोड़) खर्च कर दिए। इनमें से करीब 5 अरब डॉलर (लगभग ₹45 हजार करोड़) थियार और गोला-बारूद पर खर्च हुए। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने कहा कि जंग खत्म करने के लिए तीन शर्तें जरूरी हैं:-
- ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए।
- युद्ध के नुकसान की भरपाई की जाए।
- भविष्य में हमला न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले।
जंग लंबी चली तो भारत सरकार कहां से लाएगी रसोई गैस?
भोपाल के रहने वाले आदित्य ने 6 मार्च को IVRS कॉल से एक LPG सिलेंडर बुक किया। आमतौर पर 1 दिन बाद सिलेंडर की होम डिलीवरी हो जाती थी। जब 3 दिन बाद भी सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, तो उन्होंने वापस IVRS डायल किया। नंबर इनवैलिड बताने लगा।
आदित्य गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंचे। वहां अफरा-तफरी मची थी। किसी की शिकायत थी कि गैस बुक नहीं हो रही, किसी ने बताया बुकिंग के हफ्तेभर बाद भी डिलीवरी नहीं हुई।
लोग एक अदद सिलेंडर के लिए चक्कर काट रहे थे। एक्स्ट्रा पैसे देने को तैयार थे। काफी मशक्कत के बाद आदित्य को एक सिलेंडर मिल सका। इस वक्त ये आपबीती देश के लाखों लोगों की है।
कच्चे तेल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल के पार
दुनिया में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। कल कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल थी। यह बढ़ोतरी तब भी हो रही है जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के 32 देशों ने मार्केट में 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई है, लेकिन इससे बाजार की चिंताएं कम नहीं हुई हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम में लगभग 20% की तेजी देखी गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका से बाजार में चिंता बढ़ी हुई है। इसी कारण तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है।
बहरीन में ईरान के लिए जासूसी के आरोप में 4 लोग गिरफ्तार
बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में चार बहरीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संपर्क रखने का आरोप है। मंत्रालय के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 22 से 36 साल के बीच है। एक और संदिग्ध, जिसकी उम्र 25 साल है, फिलहाल विदेश में फरार बताया गया है।
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी ने अपने साथियों की मदद से बहरीन के कई महत्वपूर्ण जगहों की तस्वीरें लीं और उनकी लोकेशन रिकॉर्ड की। मंत्रालय का कहना है कि यह जानकारी एन्क्रिप्टेड सॉफ्टवेयर के जरिए IRGC को भेजी गई। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
ईरान जंग की वजह से 1100 से ज्यादा बच्चे घायल या मारे गए
यूनिसेफ ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण बच्चों की हालात काफी खराब हो गई है। एजेंसी के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक हिंसा में 1100 से ज्यादा बच्चे घायल या मारे गए हैं। इनमें लगभग 200 बच्चे ईरान में, 91 बच्चे लेबनान में, चार बच्चे इजराइल में और एक बच्चा कुवैत में मारा गया है।
एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष और बढ़ा तो पीड़ित बच्चों की संख्या और बढ़ सकती है। लगातार हमलों के कारण लाखों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जबकि सैकड़ों हजार बच्चों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है। संस्था ने दुनिया से अपील की है कि मध्य-पूर्व के लगभग 20 करोड़ बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
ईरान की चेतावनी– तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल जा सकती है
ईरान ने चेतावनी दी है कि जंग के कारण कच्चे तेल कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। तेहरान के खातम अल-अनबिया सैन्य कमांड मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफकारी ने बुधवार को यह बयान दिया।
उन्होंने कहा कि ईरान अब केवल जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विरोधियों के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई करेगा। जोलफकारी ने कहा कि ईरान अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों तक तेल पहुंचने नहीं देगा। उनके मुताबिक ऐसे देशों की ओर जाने वाले किसी भी जहाज या टैंकर को वैध निशाना माना जाएगा।
UNSC में ईरानी हमलों की निंदा, तुरंत लड़ाई रोकने को मांग
संयुक्त राष्ट्रपति सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) ने एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें ईरान की तरफ से खाड़ी देशों और जॉर्डर पर हुए हमलों की निंदा की गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से तुरंत हमले रोकने की मांग की गई है। बुधवार को UNSC के 15 में से 13 देशों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया।
यह प्रस्ताव गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने पेश किया था और इसे संयुक्त राष्ट्र के 135 अन्य सदस्य देशों का भी समर्थन मिला। हालांकि, चीन और रूस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन उन्होंने अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करके प्रस्ताव को रोकने की कोशिश भी नहीं की।
इराकी नाव पर ईरान का हमला, एक भारतीय की मौत
ईरान की तरफ से किए गए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। यह हमला इराक के समुद्री इलाके में एक तेल टैंकर पर हुआ। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सेफसी विष्णु नाम के तेल टैंकर पर हमला किया गया। यह जहाज अमेरिका की कंपनी का है और मार्शल आइलैंड के झंडे के तहत चल रहा था। हमला खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में आत्मघाती नाव (सुसाइड बोट) का इस्तेमाल किया गया। जहाज पर मौजूद बाकी 27 लोग सुरक्षित बचा लिए गए। उन्हें बाद में बसरा शहर ले जाया गया। फिलहाल मारे गए भारतीय नागरिक का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।