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PM Modi: सोमनाथ पर आक्रमण के हजार साल पूरे, पढ़िए PM मोदी का आलेख

PM Modi: सोमनाथ पर आक्रमण के हजार साल पूरे, पढ़िए PM मोदी का आलेख

PM Modi: गुजरात में मौजूद सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर विदेशी आक्रमण के 1000 साल पूरे हो गए हैं। साल 1026 में पहली बार सोमनाथ पर आक्रमण किया गया, जिसके बावजूद आज भी सोमनाथ मंदिर की अडिग खड़ा है। पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर के आक्रमण के 1000 साल पूरे होने पर एक लेख लिखा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, वर्ष 2026 में आस्था की हमारी तीर्थस्थली सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है! सोमनाथ दरअसल भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है, जिनके लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता सदैव सर्वोपरि रही है।”

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में उल्लेख

पीएम मोदी ने अपने आलेख में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की महत्ता पर प्रकाश डाला है। पीएम मोदी ने लिखा, “सोमनाथ शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है। ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है…“सौराष्ट्रे सोमनाथं च…यानि ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है। ये इस पवित्र धाम की सभ्यतागत और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है।”

अनादि काल से लोगों को जोड़ रहा सोमनाथ

सोमनाथ का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “अनादि काल से सोमनाथ जीवन के हर क्षेत्र के लोगों को जोड़ता आया है। सदियों पहले जैन परंपरा के आदरणीय मुनि कलिकाल सर्वज्ञ हेमचंद्राचार्य यहां आए थे और कहा जाता है कि प्रार्थना के बाद उन्होंने कहा, “भवबीजाङ्कुरजनना रागाद्याः क्षयमुपगता यस्य।” अर्थात्, उस परम तत्व को नमन जिसमें सांसारिक बंधनों के बीज नष्ट हो चुके हैं। जिसमें राग और सभी विकार शांत हो गए हैं। आज भी दादा सोमनाथ के दर्शन से ऐसी ही अनुभूति होती है। मन में एक ठहराव आ जाता है, आत्मा को अंदर तक कुछ स्पर्श करता है, जो अलौकिक है, अव्यक्त है।”

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