PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी विविधता को लोकतंत्र की ताकत बनाया है। दुनिया के सामने यह भी साबित किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं कैसे लोकतंत्र को स्थिरता, गति और स्तर, तीनों दे सकती हैं। संविधान सदन में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत में लोकतंत्र का अर्थ अंतिम व्यक्ति का सशक्तीकरण है। लोक कल्याण की इसी भावना से 25 करोड़ लोग गरीबी के अभिशाप से मुक्त हुए हैं।’
दुनिया की सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था बनकर तोड़ा भ्रम
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत जब आजाद हुआ, तो दुनियाभर के देशों को आशंका थी कि यहां लोकतंत्र नहीं टिक पाएगा। इतनी ज्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र का भविष्य बचेगा या नहीं, इस पर दुनिया को संदेह था। लोकतंत्र बच भी गया, तो भी भारत को आगे बढ़ने में मुश्किल होगी। पर, भारत ने अपनी विविधता को ताकत में बदलकर आशंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया। अब दुनिया की सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था बनकर विकास को लेकर भ्रम को तोड़ा है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत में बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की लंबी परंपरा रही है। यहां लोकतंत्र का अर्थ है, अंतिम पायदान तक सेवाओं की पहुंच। लोकतंत्र इसलिए सफल है क्योंकि शासन व्यवस्था के केंद्र में जनता है। जन कल्याण की भावना से सरकार के हर उपाय बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंचते हैं।’
विविधता से भरा हमारा लोकतंत्र असाधारण
कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कांफ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत के लोकतंत्र का पैमाना वास्तव में असाधारण है। 2024 के आम चुनाव में 98 करोड़ नागरिकों ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया था, जो कुछ महाद्वीपों की आबादी से भी अधिक है। 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक दल चुनाव लड़ रहे थे। इन चुनावों में महिला मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी भी देखी गई।’
उन्होंने कहा, ‘भारतीय लोकतंत्र विविधता से समृद्ध है, जहां सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं। तेजी से विकास कर रहा भारत : देश की आर्थिक प्रगति की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, वर्तमान में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। यहां यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। वर्तमान भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीका उत्पादक देश है।’