लखनऊ: भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, कला, संगीत, नृत्य एवं विद्या को एक सशक्त और आधुनिक दृश्य पहचान प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय स्तर लोगो डिज़ाइन प्रतियोगिता-2025 का परिणाम घोषित कर दिया है। प्रतियोगिता में देशभर से प्राप्त 451 प्रविष्टियों में से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग के आचार्य प्रोफेसर डॉ. गौरीशंकर चौहान द्वारा तैयार लोगो को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया और इसे विश्वविद्यालय का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह के रूप में अंगीकृत किया गया।
लखनऊ में होगा सम्मान समारोह
प्रतियोगिता के परिणाम की औपचारिक घोषणा एवं विजेता लोगो का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। वहीं प्रोफेसर डॉ. गौरीशंकर चौहान को लखनऊ में औपचारिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ का नया लोगो प्रदेश की गहन सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक आकांक्षाओं का संतुलित प्रतीक है। यह विश्वविद्यालय की गरिमा को और अधिक ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
बता दें कि डॉ. चौहान इससे पूर्व भी कला और डिज़ाइन के क्षेत्र में अपनी सृजनात्मकता का लोहा मनवा चुके हैं। वे जयपुर राजा महेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय (अलीगढ़) तथा देवी मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) के लोगो का डिज़ाइन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने मलेशिया के राष्ट्रपति भवन के इंटीरियर डिज़ाइन का कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न किया है। इस उपलब्धि पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष की लहर है। कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। डॉ. चौहान की इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर अन्य शिक्षक एवं छात्र भी नयी ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे