बरेली: जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के काम की ड्यूटी के दौरान परधौली प्राथमिक विद्यालय में एक टीचर की मौत हो गई। इस पर समाजवादी पार्टी के नेता पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। साथ ही उन्होंने सरकार से परिवार को एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की।
बीएलओ की मौत की सूचना होते ही समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शिव चरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद, इंजीनियर अनीस अहमद, अम्बेडकर वाहिनी के सुरेंद्र सोनकर, सचिन आनंद, संजीव कश्यप, मोहित कश्यप सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर शोक जताया।
SIR की समय सीमा 6 माह बढ़ाने की मांग
जिलाध्यक्ष शिव चरन कश्यप और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा, आश्रित को सरकारी नौकरी व SIR की समय सीमा 6 माह बढ़ाने की मांग रखी, जिससे बीएलओ पर अधिक भार न रहे। पार्टी के नेताओं ने मृतक के परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बताते चलें कि भोजीपुरा ब्लॉक के परधौली गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात 47 साल के टीचर सर्वेश कुमार गंगवार पर इन दिनों SIR का काफी प्रेशर था। उन्हें BLO बनाया गया था। ड्यूटी के दौरान ही उनकी मौत हो गई, जिससे उनके परिवार में हड़कंप मच गया।
बड़े भाई ने कहा- काम का था ज्यादा प्रेशर
BLO के बड़े भाई योगेश गंगवार भी टीचर हैं और उन्हें सुपरवाइजर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इन दिनों SIR का बहुत ज्यादा प्रेशर है। अधिकारी लगातार टॉर्चर कर रहे हैं। रात के 11–12 बजे तक काम करना पड़ रहा है, उसके बावजूद अधिकारी फटकार लगाते हैं। काम का ज्यादा बोझ होने की वजह से मेरे भाई की जान चली गई।
BLO सर्वेश कुमार की मौत से उनके दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। सर्वेश की पत्नी प्रभा की दो महीने पहले कैंसर से मौत हो गई थी। उनके दो जुड़वा बच्चे अहाना और अयांश जिनकी उम्र 5 साल है।
नरेश गंगवार बोले- कोई कितना बेबस हो जाएगा
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार का कहना है कि अधिकारी गाली देते हैं। काम करना मुश्किल हो गया है। सरकार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देना चाहिए। लोग रात के 12 बजे तक काम कर रहे हैं, फिर भी अधिकारी हमें गालियां देते हैं। एक महीने का समय बहुत कम दिया गया है।