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मिडिल ईस्‍ट संकट पर PM मोदी बोले- होर्मुज का रास्ता रोकना नामंजूर, हम 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे तेल-गैस

मिडिल ईस्‍ट संकट पर PM मोदी बोले- होर्मुज का रास्ता रोकना नामंजूर, हम 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे तेल-गैस

नई दिल्‍ली: अमेरिका-इजराइल और ईरान में जंग के हालातों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (23 मार्च) को पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’ उन्होंने बताया कि अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

मोदी बोले– इस समय पश्चिम एशिया में हालात चिंताजनक

मैं इस सदन में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत पर असर पर बात रखने के लिए आया हूं। इस समय वहां हालात चिंताजनक हैं। जय शंकर जी ने सदन को जरूरी जानकारी दी है। 3 हफ्ते से ज्यादा समय से यह संकट को हो गया है। लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। पूरी दुनिया इसके जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।

पीएम ने कहा– एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं

पीएम ने कहा- हमारे लिए यह रीजन एक और कारण से भी अहम है। 1 करोड़ भारतीय वहां रहते और काम करते हैं। वहां समंदर में जो शिप चलते हैं उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या अधिक है। इसके चलते हमारी चिंता स्वभाविक है।

यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। जब से यह युद्ध शुरू हुआ है। तब से प्रभावित देशों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद 2 बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

मोदी बोले– 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं

उन्‍होंने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोगों की मौत हुई और कुछ घायल हुए हैं। उनके परिवारों से बात की जा रही है। मदद पहुंचाई जा रही है। वहां रहने वाले भारतीयों को हमारे मिशन जरूरी मदद पहुंचा रहे हैं। भारत में और बाकी देशों में 24X7 हेल्पलाइन जारी हैं। इनके जरिए जरूरी जानकारी दी जा रही है।

संकट की घड़ी में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

मोदी बोले– हमारी कोशिश है कि तेल-गैस संकट न हो

पीएम मोदी ने कहा, भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजें होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आती हैं। युद्ध के बाद से ही यहां से जहाजों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। बावजूद इसके हमारी सरकार का ये प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीजल, गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो। देश के सामान्य परिवारों को परेशानी भी कम से कम हो इस पर हमारा फोकस रहा है।

हम सभी जानते हैं देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत LPG आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चिता के कारण सरकार ने एलपीजी के डोमेस्टिक उपयोग को प्राथमिकता दी है। हमने देश में इसके उत्पादन को बढ़ावा दिया है। पेट्रोल डीजल की स्पलाई सुचारू रूप से होती रहे इस पर भी काम जारी है।

मोदी बोले– जहां से संभव हो, वहां से सप्लाई होती रहे

पीएम ने कहा- बीते दशक में भारत ने संकट के इसी समय के लिकए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। आज हमारे पास 65 लाख मीट्रिक टन की रिजर्व की व्यवस्था पर काम जारी है।

सरकार अलग अलग देशों के सप्लायर्स से संपर्क में है। प्रयास है जहां से संभव हो वहां से सप्लाई होती रहे। तेल गैस फर्टिलाइजर से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे, इसके लिए सहयोगियों से संवाद कर रहे हैं।

मोदी बोले– एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है

पीएम मोदी ने कहा कि हम जानते हैं एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है। ग्लोबल नीड को पूरा करने वाला सोर्स वेस्ट एशिया है। भारत पर इस युद्ध से उत्पन्न दुष्प्रभाव का असर कम हो इसके लिए एक रणनीति से काम कर रहे हैं।

जहां भी जरूरत है उस सेक्टर को जरूरी सपोर्ट दिया जा रहा है। भारत सरकार ने एक ग्रुप बनाया है जो हर रोज मिलता है जो आयात-निर्यात में आने वाली दिक्कतों पर निरंतर काम करता है।

मोदी बोले– जमाखोरी करने वालों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा

वेस्ट एशिया विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- हमें हर चुनौती का सामना सब्र, संयम और शांत मन से करना चाहिए। यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना चाहिए। जो लोग हालात का फायदा उठाना चाहते हैं वे झूठ फैलाने की कोशिश करेंगे। हमें उनकी कोशिशों को कामयाब नहीं होने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं देश की सभी राज्य सरकारों से भी सदन के माध्यम से आग्रह करूंगा ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले जमाखोरी करने वाले एक्टिव हो जाते हैं। इसके लिए कड़ी मॉनीटरिंग जरूरी है। जहां से खबर मिले वहां एक्शन लेना होगा। देश की हर सरकार और देश का हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकेंगे।

मोदी ने कहा– न्यूक्लियर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा

पीएम मोदी ने कहा कि 11 साल में देश में अपने सोलर पावर कैपिसिटी 140 गीगा वॉट तक पहुंचाई है। 40 लाख रूफ टॉप सोलर पैनल लगे हैं। गोवर्धन योजना के तहत 200 बायोगैस प्लांट काम कर रहे हैं। सरकार ने भविष्य की तैयारी बढ़ाते हुए शांति एप माध्यम से न्यूक्लियर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया है। अगले 5 साल में 1500 मेगावॉट नई हाइड्रो पावर कैपिसिटी जोड़ी जाएगी।

पीएम बोले– हमारे पास पर्याप्त अन्न भंडार है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक बड़ा सवाल ये है कि युद्ध का खेती पर क्या असर होगा। देश के किसानों ने हमारे अन्न के भंडार भर रखे हैं। इसलिए हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न है। हमारा ये भी प्रयास है कि खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके। सरकार ने आपात स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में भी हमारी सरकार ने दुनिया के संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया था। उस वक्त भी ग्लोबल सप्लाई चेन में कमी आ गई थी। दुनिया के बाजार में यूरिया की एक बोरी ₹3 हजार तक पहुंच गई थी।

भारत के किसानों को यूरिया की एक बोरी 300 रुपए से भी कम कीमत में दिलाई गई। किसानों को ऐसे संकटों से बचाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। पीएम ने कहा कि पिछले एक दशक 6 यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं। इससे सालाना 74 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया प्रोडक्शन कैपिसिटी जुड़ी है। इस दौरान डीएपी और एनपीकेएस जैसी खाद का घरेलू उत्पादन भी 50 लाख मीट्रिक टन बढ़ाया गया है।

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