उत्तर प्रदेश, राजनीति, स्पेशल स्टोरी

अब घर में पैसे-जेवरात को प्रोटेक्‍ट करेगा ‘अत्‍याधुनिक स्‍मार्ट लॉकर’, ऐसे करेगा काम

अब घर में पैसे-जेवरात को प्रोटेक्‍ट करेगा ‘अत्‍याधुनिक स्‍मार्ट लॉकर’, ऐसे करेगा काम

गोरखपुर: जनपद के बड़गहन (सहजनवा) स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा के छात्र सौरभ त्रिपाठी, प्रीतम यादव और प्रसिद्ध मौर्या ने मिलकर एक अत्याधुनिक स्मार्ट लॉकर तैयार किया है। यह घर में रखे कीमती सामान, जैसे- नकदी, आभूषण, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की सुरक्षा को एक नई तकनीकी मजबूती प्रदान करता है। यह स्मार्ट लॉकर पारंपरिक ताले या साधारण सेफ बॉक्स से बिल्कुल अलग है। इसमें आधुनिक सेंसर तकनीक का उपयोग किया गया है, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पहचान लेता है।

छात्र बताते हैं कि लॉकर को घर के वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट किया जाता है। कनेक्ट होने के बाद इसमें लगे सभी सुरक्षा सेंसर सक्रिय हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति लॉकर को उसकी निर्धारित जगह से हटाने का प्रयास करता है, उसे जबरन खोलने का प्रयास करता है या उसमें छेड़छाड़ करता है, तो सिस्टम तुरंत मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर अलर्ट संदेश भेज देता है। इसकी सबसे खास विशेषता यह है कि यह केवल चोरी से सुरक्षा नहीं देता, बल्कि आग जैसी आपात स्थिति में भी सतर्क कर देता है।

अब घर में पैसे-जेवरात को प्रोटेक्‍ट करेगा ‘अत्‍याधुनिक स्‍मार्ट लॉकर’, ऐसे करेगा काम

लॉकर में लगाया गया विशेष फायर सेंसर

छात्रों ने बताया कि लॉकर में विशेष फायर सेंसर लगाया गया है, जो तापमान में असामान्य वृद्धि या आग लगने की स्थिति को तुरंत पहचान लेता है। ऐसी स्थिति में भी मालिक के मोबाइल पर तुरंत सूचना पहुंच जाती है, जिससे समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं और बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। लॉकर 12 वोल्ट पावर सप्लाई पर कार्य करता है। इसे एक बार पूर्ण रूप से चार्ज करने पर यह करीब 15 दिनों तक लगातार कार्य करने में सक्षम है। लगभग 5 किलोग्राम वजन वाला यह लॉकर मजबूत धातु संरचना के साथ तैयार किया गया है, जिससे इसे तोड़ना या क्षति पहुंचाना आसान नहीं है। इसे विकसित करने में करीब दो महीने का समय लगा और लगभग 9,500 रुपये की लागत आई है।

संस्थान के निदेशक डॉ. एन के सिंह ने छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के तकनीकी युग में इस तरह के नवाचार से एक रोजगार की शुरुआत की जा सकती है। छात्रों के ऐसे नवाचार से नए रोजगार शुरू किए जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *