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अब हर साल 15 जनवरी को ही मनेगी मकर संक्रांति, जानिए कारण और शुभ मुहूर्त

अब हर साल 15 जनवरी को ही मनेगी मकर संक्रांति, जानिए कारण और शुभ मुहूर्त

वाराणसी: ग्रहों के राजा सूर्य 15 जनवरी, 2026 को धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। अब 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इसके बाद फिर ज्योतिष गणना के अनुसार, मकर संक्रांति एक दिन और बढ़ जाएगी। यानी सूर्य का राशि परिवर्तन हर वर्ष 16 जनवरी को होगा। इस बार सूर्य की राशि का परिवर्तन रात्रि 9.38 बजे हो रहा है। खरमास समाप्त होगा और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

इस बार वृद्धि योग शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि ज्येष्ठा नक्षत्र में गुरुवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात कहा जाता है। ज्योतिषविद् आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन साधारण नदी भी गंगा के समान हो जाती है।

72 साल में बदलती है तारीख

ज्योतिषविदों के मुताबि, हर साल सूर्य के राशि परिवर्तन में 20 मिनट का विलंब होता है। इस प्रकार तीन वर्षों में यह अंतर एक घंटे का हो जाता है। 72 वर्षों में 24 घंटे का फर्क आ जाता है। सूर्य व चंद्रमा ग्रह मार्गीय होते हैं। यह पीछे नहीं चलते हैं, इसलिए एक दिन बढ़ जाता है। इस लिहाज से 2008 में ही 72 वर्ष पूरे हो गए थे। हालांकि, छह वर्षों तक सूर्य का राशि परिवर्तन प्रात: काल में होने से पूर्व काल मानकर 15 जनवरी को मनाई जाती थी। मगर, इसके पहले सूर्य का राशि परिवर्तन संध्याकाल में होता था। सन् 1936 से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जा रही थी।

हालांकि, 1864 से 1936 तक 13 जनवरी और 1792 से 1864 तक 12 जनवरी को मनाई जा रही थी। वहीं, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने की टाइमिंग और मकर संक्रांति की तारीख को लेकर पंडितों और पंचांग में अलग-अलग विवरण है। मगर, काशी के पुराने पंचांग और ज्यादातर पंडितों का कहना है कि उदया तिथि के अनुसार मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जानी चाहिए।

मकर संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति के दिन कुछ समय को विशेष रूप से पूजा और दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान स्नान, पूजा और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

स्नान और दान करने का मुहूर्त सुबह 09:03 मिनट से लेकर सुबह 10:48 मिनट तक

पुण्य काल दोपहर 03:13 मिनट से शाम 05:45 मिनट तक।

महापुण्य काल दोपहर 03:13 मिनट से शाम 04:58 मिनट तक।

मकर संक्रांति में इन चीजों से करें परहेज

  • मकर संक्रांति के दिन नशे से दूर रहें।
  • तामसिक भोजन से परहेज करें, किसी का अपमान न करें।
  • पेड़ों की कटाई न करें और तुलसी की पत्तियों को न तोड़ें।

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