उत्तर प्रदेश, राजनीति

अब योगी-मोदी के समर्थन में अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा, फूट-फूटकर रोए

अब योगी-मोदी के समर्थन में अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा, फूट-फूटकर रोए

अयोध्‍या: उत्‍तर प्रदेश में शंकराचार्य का विवाद अब बढ़ता जा रहा है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के समर्थन में अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की सीएम पर की गई टिप्पणी से उन्हें बहुत बुरा लगा। इससे मैं आहत हूं। मुख्यमंत्री का अपमान मैं अब बर्दाश्त नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का नमक और रोटी खाता हूं, प्रदेश के वेतन से मेरा परिवार चलता है। अगर उस प्रदेश के मुखिया पर असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया जाएगा, तो मुझे दर्द होगा। मेरे अंदर भी दिल और संवेदना है। क्योंकि, मैं यूपी कर्मचारी नियमावली के तहत बंधा हुआ हूं। दो दिनों से इस पीड़ा को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, इसलिए राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया है।

मऊ जिले के रहने वाले हैं प्रशांत कुमार सिंह

48 साल के प्रशांत कुमार ने इस्तीफे के बाद पत्नी से फोन पर बात की और फूट-फूटकर रोने लगे। प्रशांत मूलत: मऊ जिले के सरवा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें सहारनपुर में पहली ज्वॉइनिंग मिली थी। कानपुर में असिस्टेंट कमिश्नर रहे। अयोध्या में पोस्टिंग 21 अक्टूबर, 2023 को हुई थी। प्रशांत कुमार से बात करने के लिए GST अपर आयुक्त संतोष कुमार, एडीएम और एसपी सिटी उनके कार्यालय पहुंचे हैं।

इससे पहले सोमवार को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह UGC का नया कानून और अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई थी। इस तरह दो दिन में दो अफसरों के इस्तीफे हुए हैं।

प्रशांत के इस्तीफे की अहम बातें

  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अनर्गल बातें बोल रहे हैं। यह राष्ट्र, संविधान और लोकतंत्र के विरुद्ध है।
  • शंकराचार्य भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर उन्हें सरकार के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। यह संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है।
  • शंकराचार्य द्वारा समाज में जातिवाद का जहर घोला जा रहा है। देश और प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है।
  • कोई अपमानजनक टिप्पणी करे और मैं रोबोट की भांति केवल वेतन लेता रहूं। अपने राज्य और सीएम योगी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी सुनता रहूं। यह मुझे स्वीकार नहीं है।

योगी के लिए शंकराचार्य ने कहा था– वह अकबर है, औरंगजेब है

शंकराचार्य अवमुक्तेश्वरांनद ने 21 जनवरी को सीएम योगी पर करारा हमला किया था। उन्होंने कहा- यही योगी जिसे आप लोग साधु संत कहते हो वह हिंदू कहने के लायक नहीं है। जिसको आप लोग साधु संत कहते हो उसे हम हुमायूं का बेटा अकबर कहते हैं, औरंगजेब कहते हैं। यह नहीं है हिंदू कहने के लायक। यह हिंदू मंदिर को तोड़ने का समर्थन करने वाला है।

वाराणसी में कथित तौर पर तोड़े गए मंदिरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 150 से ज्यादा मंदिर तोड़ दिए गए और उनके मुंह से एक शब्द तक नहीं निकला ताकि उनकी गद्दी नहीं चली जाए। मुख्यमंत्री की गद्दी को पौराणिक मूर्तियों के सामने महत्त्वपूर्ण समझने वाला सत्ता लोलुप है हिंदू नहीं है।

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