उत्तर प्रदेश, राजनीति

नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत केस: पिता ने दर्ज कराई शिकायत, पढ़िए पूरा मामला  

नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत केस: पिता ने दर्ज कराई शिकायत, पढ़िए पूरा मामला  

नोएडा: नोएडा सेक्टर 150 के पास बेसमेंट में भरे पानी में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। मामले में पिता राज कुमार मेहता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने मामले में बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, जिस जगह पर हादसा हुआ है। वहां 50 से अधिक सोसाइटी है। 20 से अधिक सोसाइटी में हजारों लोग रहते भी हैं। यहां कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं और सड़क भी टूटी हुई हैं।

लोगों ने एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च दो और 3BHK वाले फ्लैट ले रखे हैं। मगर, सोसाइटी से निकलने वाले पानी के लिए उचित निकासी की व्यवस्था नहीं है। सोसाइटियों के पीछे से निकलने वाली हिंडन नदी में पानी छोड़ने पर मनाही है। इस कारण बिल्डर की ओर से कई सोसाइटियों से बिना शोधित किए ही पानी को खुले नाले और खाली प्लॉट में छोड़ा जाता है। घटनास्थल के पास पीछे जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।

नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता पड़ी भारी

पुलिस को दी तहरीर में राजकुमार मेहता ने कहा कि सेक्टर-150 के निवासियों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार नाले के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन प्राधिकरण की उदासीनता के कारण सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। इसलिए मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके।

पुलिस का बयान

नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और कोहरे के कारण वाहन से नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है। कार सीधे गहरे पानी में जा गिरी। युवक के पिता ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है।

युवराज का हुआ अंतिम संस्कार

शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने सफीपुर में नम आंखों से युवराज का अंतिम संस्कार किया। पिता, रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए। दोस्तों ने बताया कि युवराज मिलनसार और काम में बेहद अच्छा था। करीब एक साल से गुरुग्राम की कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी बहन, जो यूके में रहती है, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकी। घटना के बाद पिता अकेले पड़ गए हैं और उन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा खो दिया है।

लोगों ने उठाया लापरवाही का मुद्दा

हादसे के बाद सेक्टर निवासियों ने लापरवाही का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा है कि करीब  16 दिन पहले भी यहां हादसा हुआ था। उस वक्त शिकायत के बाद अधिकारी जाग जाते तो शुक्रवार को युवराज की जान बच सकती थी। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में ऐेसे अधबने प्लॉटों की संख्या अच्छी खासी है। जहां कभी भी हादसो हो सकते हैं।

ये था पूरा मामला

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के टी-प्वाइंट के पास शुक्रवार देर रात कोहरे में अनियंत्रित तेज रफ्तार कार नाले की दीवार तोड़कर पानी से भरे बेसमेंट के लिए बनाए गए गड्ढे में जा गिरी। टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) ने फोन कर पिता राजकुमार मेहता से मदद मांगी। करीब 80 मिनट तक कार पर खड़े होकर युवराज टार्च जलाकर मदद की गुहार लगाता रहा। पिता पुलिस, दमकल, एसडीआरफ और एनडीआरफ की टीम से बेटे को बचाने की मिन्नते करते रहे। पिता की आंखों के सामने बेटा कार समेत पानी में समा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *