उत्तर प्रदेश, राजनीति

कानपुर-औरैया में ज्वैलर्स कमल वर्मा पर NIA का छापा, पिता ने सायनाइड खाकर दी थी जान

कानपुर-औरैया में ज्वैलर्स कमल वर्मा पर NIA का छापा, पिता ने सायनाइड खाकर दी थी जान

कानपुर/औरैया: औरैया और कानपुर देहात में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय ईडी (ED) व राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। पेट्रोल पंप संचालक और नैना इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक कमल वर्मा के घर, पंप और सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ रेड डाली। लगभग 15 से ज्यादा टीमों ने रात दो बजे से अलग-अलग जगहों की घेराबंदी की। डिजिटल रिकॉर्ड्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े कागजात खंगाले।

कार्रवाई में NIA के साथ बम स्क्वायड और औरैया पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी संवेदनशील इनपुट पर आधारित है, जिसे दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच से जुड़ा माना जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी भी केस का खुलासा नहीं किया गया है।

कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

NIA की टीम करीब 20 गाडियों के साथ पहुंची। आठ से अधिक कारों से निझाई मुहल्ला, जिला अस्पताल रोड किनारे नायारा पेट्रोल पंप, चार घरों, सर्राफा बाजार में गन हाउस व दुकानों पर रेड डाली। सभी जगहों पर कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। कमल वर्मा के एक कर्मचारी को बीते दिन हजारों अवैध कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद ही वर्मा परिवार के ठिकाने NIA के रडार पर आए।

कारोबार और परिवार के बारे में जानिए

कमल वर्मा तीन भाई हैं- कमल, रविकांत (व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष) और अजयकांत शशि वर्मा। पिता महेश वर्मा ने सर्राफा बाजार से छोटी दुकान और गन हाउस से कारोबार की शुरुआत की थी। पेट्रोल बसों का संचालन भी औरैया, कन्नौज और इटावा रूट पर करते थे। कारोबार बढ़ने के साथ ही वर्मा परिवार ने जिले और दूसरे प्रदेशों में अपने कारोबार बढ़ाया।

कमल वर्मा के व्यवसाय और प्रतिष्ठान

औरैया जिले में

  • नैना इलेक्ट्रॉनिक्स
  • नैना ज्वेलर्स
  • नायरा पेट्रोल पंप
  • श्री जी फिलिंग स्टेशन
  • श्री जी फ्यूल स्टेशन
  • श्री जी एनर्जी स्टेशन, अजीतमल
  • प्रॉपर्टी डीलिंग

कानपुर देहात में

  • एक पेट्रोल पंप
  • ओम फिलिंग स्टेशन

जांच के दौरान कारोबारी भी घर पर नहीं मिले

पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि NIA की छापेमारी जारी है। रेड पूरी होने के बाद ही जानकारी मिल सकेगी कि क्या बरामद हुआ, उसी के बाद कुछ जानकारी साझा की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कुछ बड़ा हाथ नहीं लगा है। कारोबारी भी घर पर नहीं मिले। जांच के चलते पुरुलिया और छत्तीसगढ़ के पुराने मामलों से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *