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New Year: आज से हो गए ये बड़े बदलाव, आपकी जेब के ऊपर डालेंगे सीधा असर!

New Year: आज से हो गए ये बड़े बदलाव, आपकी जेब के ऊपर डालेंगे सीधा असर!

New Rules from 2026: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव हो गए हैं, जिनका सीधा असर जेब पर पड़ने वाला है. इन बदलावों में एलपीजी गैस की कीमतों से लेकर कारों के दाम, बैंकिंग नियम, यूपीआई, सिम वेरिफिकेशन और सरकारी योजनाएं तक शामिल हैं. जहां एक ओर नया साल नई उम्मीदें लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर कुछ फैसलों से खर्च भी बढ़ गया है.

एलपीजी सिलेंडर महंगा

सबसे पहले एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो 1 जनवरी 2026 से 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है. इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ने की संभावना है.

पीएनजी की कीमतों में कटौती

नए साल की शुरुआत पर इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने अपने उपभोक्ताओं को राहत दी है. कंपनी ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर 70 पैसे तक की कटौती करने का ऐलान किया है.

महंगी हुई कार

नए साल के साथ ही कार खरीदना भी महंगा हो गया है. 1 जनवरी 2026 से कई ऑटो कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमतों में इजाफा कर दिया है. बीएमडब्ल्यू, रेनॉल्ट और निसान ने अपनी गाड़ियों के दाम 3,000 रुपये से लेकर तीन प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है. वहीं होंडा और टाटा मोटर्स ने भी कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं, जिससे 2026 मॉडल की कारें पिछले साल के मुकाबले ज्यादा महंगी पड़ सकती हैं.

एफडी, यूपीआई और सिम से जुड़े बदलाव

बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हो गए हैं. 1 जनवरी 2026 से यूपीआई और अन्य डिजिटल लेनदेन के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके. इसके साथ ही सिम कार्ड के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी कड़ी कर दी गई है. राहत की बात यह है कि एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और पीएनबी समेत कई बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है, जो नए साल से प्रभावी हो गई है.

पीएम किसान योजना

इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में भी कुछ अहम बदलाव किए गए हैं. उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब योजना का लाभ लेने के लिए यूनिक किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है. साथ ही, यदि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचता है और 72 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, तो अब उस नुकसान की भरपाई भी योजना के तहत की जा सकेगी.

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