उत्तर प्रदेश, राजनीति

बरेली में महिला सशक्तिकरण की नई पहल, IPS अंशिका वर्मा के नेतृत्‍व में बनी ‘वीरांगना यूनिट’

बरेली में महिला सशक्तिकरण की नई पहल, IPS अंशिका वर्मा के नेतृत्‍व में बनी 'वीरांगना यूनिट'

बरेली: शहर में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ी पहल की गई है। बरेली में प्रदेश की पहली महिला एसओजी कमांडो यूनिट “वीरांगना यूनिट” का गठन हुआ है, जिसका शुभारंभ 06 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसी के साथ बरेली प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला SOG की तैनाती की गई है। इस यूनिट का नेतृत्व तेजतर्रार आईपीएस और अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा कर रही हैं।

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में बनी इस स्पेशल यूनिट में आठ प्रशिक्षित महिला कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इनका चयन और ट्रेनिंग बेहद सख्त रही है। सभी कमांडो नंचकु, लाठी कॉम्बैट, हथियार संचालन, सेल्फ डिफेंस और मिश्रित मार्शल आर्ट की तकनीकों में निपुण हैं। इसके अलावा, अवरोधन तकनीक (ऑब्स्ट्रक्शन टेक्निक) जैसी स्किल्स भी इन्हें सिखाई गई हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर फोकस

वीरांगना यूनिट का मुख्य उद्देश्य जिले में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना, संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाना और महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ये कमांडो न सिर्फ विशेष अभियानों में भाग लेंगी, बल्कि महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी। यूनिट का मकसद है कि महिलाओं और बेटियों में आत्मविश्वास की भावना बढ़े और उन्हें यह भरोसा मिले कि उनकी सुरक्षा के लिए एक समर्पित टीम मौजूद है।

एक मील का पत्थर साबित होगी ‘वीरांगना यूनिट’

एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह समाज को यह संदेश देता है कि महिलाएं हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना यूनिट जिले की बेटियों के लिए एक प्रेरणा बनेगी और साबित करेगी कि अगर अवसर मिले तो महिलाएं हर मोर्चे पर सफलता हासिल कर सकती हैं। आने वाले समय में यह टीम कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम योगदान देगी।

महिला सुरक्षा और सशिक्‍तकरण पर फोकस: IPS अंशिका वर्मा

एसपी (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि इस यूनिट का गठन महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर किया गया है। आठों महिला कॉन्स्टेबल विभिन्न तरह की कॉम्बैट ट्रेनिंग और हथियार संचालन में दक्ष हैं। उनका लक्ष्य है कि महिला अपराधों पर प्रभावी रोक लगे, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय गश्त हो और विशेष अभियानों में महिलाएं बराबरी से भाग लें। उन्होंने कहा कि यह यूनिट न सिर्फ सुरक्षा का भरोसा देगी, बल्कि जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बनेगी।

बरेली में इस पहल से उम्मीद है कि महिला सुरक्षा के साथ-साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। शहर में अब महिलाएं जानेंगी कि उनकी सुरक्षा के लिए एक खास टीम दिन-रात तैयार है और यह टीम खुद महिलाएं हैं, जो हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।

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