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2024-25 और 2025-25 में अब तक 28 हजार से अधिक परियोजनाओं को मिली स्वीकृति
- योगी सरकार ने 2025-26 के लिए 1.5 लाख परियोजनाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य किया निर्धारित
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना की शुरुआत करते हुए राज्य के युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया था। आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने वाली यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है और 31 मार्च 2025 तक 3 लाख से अधिक युवाओं ने इस योजना के अंतर्गत अपना पंजीकरण करा लिया है। यही नहीं, 2024-25 और 2025-25 में अब तक इस योजना के अंतर्गत 28 हजार से अधिक परियोजनाओं को स्वीकृत करते हुए करीब 1 हजार करोड़ से ज्यादा की धनराशि बैंकों के द्वारा युवाओं को वितरित की जा चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2025 तक इस योजना के तहत कुल 3,21,527 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 1,83,357 आवेदन प्राप्त हुए, जिनकी कुल परियोजना लागत 8894.14 करोड़ रुपए थी। वेरिफिकेशन के उपरांत 1,48,632 आवेदन 7168.01 करोड़ रुपए की परियोजना लागत के साथ बैंकों को भेजे गए। इनमें से 41,286 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिनकी लागत 1621.37 करोड़ रुपए रही। वहीं, 27,848 परियोजनाओं में 1111.10 करोड़ रुपए वितरित भी किए गए। इसके अतिरिक्त अन्य आवेदनों पर भी कार्यवाही जारी है।
2025-26 में 1.5 लाख परियोजनाओं को स्वीकृति का लक्ष्य
योगी सरकार ने 2025-26 में 1.5 लाख परियोजनाओं को स्वीकृति देने का लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत 4 अप्रैल 2025 तक 6559 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसकी परियोजना लागत 314.4 करोड़ रुपए है। 3354 परियोजनाएं (160.3 करोड़ रुपए) बैंकों को भेजी गईं तो 399 परियोजनाओं (16 करोड़) को स्वीकृति मिली। इसके अंतर्गत 175 परियोजनाओं में 7.1 करोड़ रुपए का वितरण भी हो चुका है। शेष पर कार्यवाही जारी है।
लंबित आवेदनों पर जल्द पूरी होगी प्रक्रिया
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बैंकों में लंबित आवेदनों की संख्या को लेकर निर्देश दिए हैं कि संबंधित जिलाधिकारी और सीडीओ बैंकों का निरीक्षण करें। सभी सीडीओ नियमित मॉनीटरिंग करें और बैंकर्स कमेटी की बैठकें आयोजित कर निस्तारण की गति बढ़ाई जाए।
क्या है सीएम युवा योजना?
सीएम युवा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। योजना के तहत माइक्रो और स्मॉल यूनिट्स के माध्यम से आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका लाभ लेने के लिए 21 से 40 वर्ष की आयु सीमा होनी चाहिए और न्यूनतम 8वीं पास व कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अनिवार्य है। इसके माध्यम से 5 लाख तक का ब्याज मुक्त, बिना गारंटी ऋण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, 10% मार्जिन मनी का अनुदान भी प्राप्त होगा।