लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार (11 अगस्त) से शुरू होगा। यह सत्र सिर्फ चार दिनों का होगा। रविवार को विधान भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित हुई। इसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना समेत विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहे। इस दौरान सत्र के सुचारू संचालन और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
13 अगस्त यानी बुधवार सुबह 11 बजे जब तीसरे दिन सत्र की शुरुआत होगी तो रात तक खत्म नहीं होगा। यह सत्र पूरी रात चलेगा यानी 24 घंटे तक चलेगा। इसमें “विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विजन डॉक्यूमेंट” पर चर्चा होगी। विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री और विपक्ष के सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र में विकास संबंधी योजनाओं का खाका खींचेंगे।
विधानसभा में हुई सर्वदलीय बैठक
सत्र को शांतिपूर्वक, सुव्यवस्थित तरीके से चलाने और सार्थक चर्चा करने के लिए आज विधानसभा में विधानसभा सतीश महाना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यानि नेता सदन की उपस्थिति में सर्वदलीय बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ और रचनात्मक चर्चा से ही प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान संभव है।
जनता की समस्याओं का हल निकलता है
सीएम योगी ने कहा कि हम जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए सदन में जनता की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन का संचालन बिना किसी बाधा के हो और ज्यादा समय तक चले, इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सदन सार्थक बहस का मंच है, जहां से विकास कार्यों को गति मिलती है और जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं का हल निकलता है।
सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता आराधना मिश्रा मोना, बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह, प्रदेश सरकार के गठबंधन में शामिल मंत्री ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद मौजूद रहे।
पहली बार एआई पाठशाला की होगी शुरुआत
बैठक से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की, जिसमें सत्र की कार्यवाही को लेकर रणनीति बनी। खास बात यह रही कि रविवार को विधानसभा में देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पाठशाला भी शुरू हुई। इसका उद्देश्य विधायकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उनके कामकाज में स्मार्टनेस लाना है।
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ देंगे एआई का प्रशिक्षण
एआई पाठशाला में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ विधायकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, संभावनाओं और लाभ के बारे में प्रशिक्षण देंगे। यह पहल तकनीक और शासन को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वदलीय बैठक से पहले विधान भवन के प्रवेश द्वार के नवीनीकृत गुम्बद, सभा मंडप और सभा कक्ष संख्या-15 का लोकार्पण किया।
इन नवीनीकरण कार्यों से विधान भवन की भव्यता और सुविधाओं में वृद्धि हुई है। आगामी मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है और विपक्ष भी अपने मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है।