देश-दुनिया, बिजनेस, राजनीति

मोदी-मैक्रों ने किया टाटा-एयरबस हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन, PM बोले- एवरेस्ट तक उड़ने वाला हेलिकॉप्टर बनाएगा भारत, फ्रांस स्पेशल पार्टनर

मोदी-मैक्रों ने किया टाटा-एयरबस हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन, PM बोले- एवरेस्ट तक उड़ने वाला हेलिकॉप्टर बनाएगा भारत, फ्रांस स्पेशल पार्टनर

मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (17 फरवरी) को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान पीएम ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर भारत में ऐसे हेलिकॉप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भरेगा। मोदी ने फ्रांस को भारत का स्पेशल पार्टनर बताया और कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ लेवल तक अपग्रेड करने का फैसला किया है।

‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का मतलब है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री इलाकों की सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे। इससे पहले दोनों देशों के बीच संबंध ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ लेवल के थे। यह पार्टनरशिप साल 1998 में शुरू हुई थी।

इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम

इसके बाद मैक्रों ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम को संबोधित करते हुए कहा दुनिया के कई बड़ी कपनियों के CEO भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, IBM, एडोबी और पालो आल्टो नेटवर्क्स के CEO भारतीय हैं। अब भारत लीडरशिप करने वाला देश बन गया है।

मोदी बोले– पिछले साल मैक्रों ने मुझे AI समिट के लिए बुलाया था

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल उन्होंने (मैक्रों) मुझे फ्रांस में AI समिट के लिए बुलाया था। तब हमने मार्शले की यात्रा की थी। मार्शले फ्रांस और यूरोप का प्रमुख गेटवे है। ये वही शहर है जहां पहले विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अपने कदम रखे। भारतीय सैनिकों की गाथा आज भी याद की जाती है। ये वही शहर है जहां वीर सावरकर ने अंग्रेजों की पकड़ से निकलने के लिए समुद्र में छलांग लगाई थी। पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर खोला जाएगा। भारत और फ्रांस दोनों ही प्राचीन और समृद्ध सभ्यताएं हैं।

मैक्रों बोले– भारत से साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी में बदलेंगे

मैक्रों ने कहा कि मेरे चौथे भारत दौरे पर स्वागत करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद। हमने ये भी फैसला किया है कि इस साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी में बदलेंगे। हम पिछले 8 सालों से यही कर रहे हैं। स्पेशल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप का मतलब है दो देशों के बीच ऐसी खास और मजबूत साझेदारी, जिसमें वे लंबे समय तक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इसमें दोनों पक्ष रक्षा, व्यापार, तकनीक या सुरक्षा जैसे जरूरी मामलों में एक-दूसरे की मदद करते हैं।

मोदी बोले– भारत-फ्रांस साझेदारी आम लोगों की पार्टनरशिप में बदली

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर की शुरुआत के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी अब आम लोगों की साझेदारी में बदल रही है। इनोवेशन अकेले संभव नहीं है, इसके लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस इनोवेशन ईयर के दौरान दोनों देशों का लक्ष्य लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। चाहे रक्षा का क्षेत्र हो, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष या नई तकनीकें, हर क्षेत्र में दोनों देश अपने उद्योगों और इनोवेटर्स को एक-दूसरे से जोड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और छोटे व मध्यम उद्योगों के बीच मजबूत नेटवर्क बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों और शोधकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान आसान किया जाएगा और जॉइंट इनोवेशन के लिए नए सेंटर भी खोले जाएंगे।

मैक्रों बोले– भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में यकीन रखते हैं

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है। उन्होंने कहा कि चाहे राफेल लड़ाकू विमान हों, पनडुब्बियां हों या पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के इंजन… कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में यकीन रखते हैं। मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस रणनीतिक स्वायत्तता यानी अपने फैसले खुद लेने और स्वतंत्र नीति पर चलने में भरोसा रखता है।

मोदी बोले– दोनों देश अपनी इंडस्ट्री को आपस मे जोड़ेंगे

पीएम मोदी ने कहा कि अब चाहे रक्षा का क्षेत्र हो, स्वच्छ ऊर्जा हो या अंतरिक्ष, हर जगह दोनों देश अपने उद्योगों को आपस में जोड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जॉइंट इनोवेशन के लिए नए सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देश अपना सहयोग और मजबूत कर रहे हैं।

भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस अब अहम खनिजों, बायोटेक्नोलॉजी और नई तरह की एडवांस्ड मैटेरियल्स के सेक्टर में मिलकर काम को और आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हेल्थ सेक्टर में AI के लिए एक भारत-फ्रांस सेंटर शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए भी एक संयुक्त सेंटर बनेगा और एविएशन स्किल डेवलपमेंट के लिए राष्ट्रीय गठबंधन केंद्र की शुरुआत की जा रही है।

मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चित दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत ताकत बन सकती है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की बड़ी क्षमता को मिलाकर भरोसेमंद तकनीक विकसित की जा रही।

मोदी-मैक्रों ने टाटा-एयरबस हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की लास्ट असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने इस परियोजना को भारत-फ्रांस साझेदारी का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह कदम दोनों देशों के तकनीकी सहयोग और रक्षा उद्योग में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएगा।

मोदी बोले– भारत-फ्रांस आतंकवाद खत्म करने के लिए साथ हैं

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों लोकतंत्र, कानून का पालन और ऐसी दुनिया में भरोसा रखते हैं जहां कई ताकतें मिलकर संतुलन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक संस्थाओं में सुधार जरूरी है, तभी दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकल पाएगा।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो, पश्चिम एशिया हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, हर जगह शांति के प्रयासों का भारत और फ्रांस समर्थन करते रहेंगे। दोनों देश हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने के लिए भी साथ हैं।

मैक्रों बोले– भारत-फ्रांस के रिश्ते खास और अनोखे

मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध सच में खास और अनोखे हैं। यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है। मैक्रों ने कहा कि आज हमने दोनों देशों की इस साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। अब इसे ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया जाएगा।

मोदी बोले– भारत में दुनिया का तीसरा बड़ा इकोसिस्टम

PM मोदी ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। दुनिया की करीब हर बड़ी कंपनी भारत के स्टार्टअप से जुड़ी हुई है।

मैक्रों बोले– भारत अब लीडरशिप करने वाला देश बन गया

इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि अल्फाबेट के CEO भारतीय हैं, माइक्रोसॉफ्ट के CEO भारतीय हैं, IBM के CEO भारतीय हैं, एडोबी के CEO भारतीय हैं और पालो आल्टो नेटवर्क्स के CEO भी भारतीय हैं। मैक्रों ने कहा कि भारत दुनिया में हो रहे नए आविष्कारों और नई तकनीकों में सिर्फ हिस्सा लेने वाला देश नहीं है, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व करने वाला देश है।

मैक्रों बोले– हम ‘मेक इन इंडिया’ के भरोसेमंद साथी

इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि डिफेंस सेक्टर में फ्रांस, ‘मेक इन इंडिया’ का भरोसेमंद साथी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर नए जमाने के इंजन, मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर, मॉर्डन फाइटर जेट्स और पनडुब्बियां बनाने पर काम कर रहे हैं। मैक्रों ने कहा कि यह सिर्फ रक्षा सौदों तक सीमित बात नहीं है, बल्कि यह दो बड़े देशों की मजबूत साझेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस जमीन, समुद्र और आसमान हर सेक्टर में अपनी इच्छा और भरोसे के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।

उन्होंने स्पेस सेक्टर का भी जिक्र किया और कहा कि त्रिशना सैटेलाइट इस बात का उदाहरण है कि जब साइंटिस्ट और इंडस्ट्री मिलकर काम करते हैं तो बड़े नतीजे सामने आते हैं। मैक्रों ने कहा कि भारत में सिविल और न्यूक्लियर सेक्टर में भी कई पहल चल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इनोवेशन का मतलब सिर्फ बड़ी तकनीकी उपलब्धियां नहीं होता, बल्कि इसका मकसद आम लोगों की जिंदगी को बेहतर, और सुरक्षित बनाना भी है।

फ्रांसीसी रक्षामंत्री ने राजनाथ सिंह के साथ रक्षा बैठक की अध्यक्षता की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने बेंगलुरु में 6वीं भारत–फ्रांस वार्षिक रक्षा बैठक की अध्यक्षता की। दोनों नेताओं ने साथ बैठकर रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

राष्ट्रपति बनने के बाद चौथी बार भारत पहुंचे मैक्रों

राष्ट्रपति बनने के बाद मैक्रों का यह चौथा भारत दौरा है। इससे पहले वे मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। इसके बाद वे सितंबर 2023 में G20 समिट के लिए और जनवरी 2024 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आए थे।

भारत और फ्रांस के बीच 1998 से रणनीतिक साझेदारी है और दोनों देश रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। यह दौरा भी इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *