गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (14 फरवरी) को असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे। यहां पर वह वायुसेना के C-130 एयरक्राफ्ट से मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे। मोदी ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। फिर रोड शो किया। इसके बाद मंच पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका स्वागत किया।
Kumar Bhaskar Varma Setu across the Brahmaputra is a vital infrastructure project for Guwahati and areas around it. Connectivity, comfort and commerce will be significantly enhanced. It will enable devotees to go to the Kamakhya Temple with greater ease. pic.twitter.com/bdpjbW0oNk
— Narendra Modi (@narendramodi) February 14, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पुल उत्तर और दक्षिण गुवाहाटी को जोड़ेगा। इस पुल को बनाने में 3030 करोड़ रुपये की लागत आई है। साथ ही उन्होंने IIM गुवाहाटी के टेंपरेरी कैंपस का भी उद्घाटन किया। नॉर्थ ईस्ट में इस तरह का यह दूसरा संस्थान है।
STORY | PM inaugurates IIM, National Data Centre in Assam
Prime Minister Narendra Modi on Saturday unveiled IIM Guwahati and inaugurated a high-tech data centre that would cater to the entire Northeast.
The PM virtually inaugurated the temporary campus of the Indian Institute… pic.twitter.com/e2bNSD6X3P
— Press Trust of India (@PTI_News) February 14, 2026
कांग्रेस पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने गुवाहाटी में कहा कि कांग्रेस ने देश को खतरे में डालकर रखा था। कांग्रेस ने जब भी सेना के लिए हथियार खरीदे, उसका मतलब हजारों करोड़ का घोटाला था। उन्होंने कहा, आज की कांग्रेस ऐसे लोगों और विचारों का साथ दे रही है, जो देश के खिलाफ सोचते हैं। जो लोग देश को तोड़ने की बात करते हैं या ऐसे नारे लगाते हैं, वे कांग्रेस के लिए सम्मानित बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा कराया। आज की कांग्रेस मुस्लिम लीग बनकर देश का बंटवारा करना चाहती है। यहां के नौजवानों को कांग्रेस का कुशासन याद नहीं होगा, कांग्रेस की सरकार चाहे असम की हो या दिल्ली की उन्होंने असम को अपने हाल पर छोड़ दिया था। उन्होंने असम के विकास में असम के लोगों का जीवन आसान बनाने में ब्रह्मपुत्र की बहुत बड़ी भूमिका है। आजादी के बाद से 2014 तक, उनके तो प्रधानमंत्री यहां से चुनकर आए थे, इतने सालों में उन्होंने सिर्फ 3 पुल बनवाए थे। क्या ऐसी स्थिति में असम का तेज विकास संभव नहीं था?
#WATCH | Assam: Prime Minister Narendra Modi inaugurates Kumar Bhaskar Varma Setu across River Brahmaputra connecting Guwahati and North Guwahati.
The 6-lane extradosed Prestressed Concrete (PSC) bridge, built at a cost of around Rs 3,030 crore, connects Guwahati with North… pic.twitter.com/ALyiqZSfeA
— ANI (@ANI) February 14, 2026
PM बोले- आपके प्यार को ब्याज समेत विकास करके लौटाऊंगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति, वोट बैंक की नीति, कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक के चश्मे से देखा। कांग्रेस के समय केंद्र की योजनाओं को असम तक पहुंचने में कई साल लग जाते थे। भाजपा ने नार्थ ईस्ट के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में जब भी कोई नई शुरुआत हुई तो उसका फायदा नार्थ ईस्ट को मिला। वंदे भारत शुरू हुई तो असम नार्थ ईस्ट कनेक्ट हो गया। स्लीपल वंदे भारत भी असम से शुरू हुई सेमीकंडक्टर प्लांट भी असम में बन रहा है।
पीएम ने कहा कि असम की चाय की तरह असम में बनी चिप्स की पूरी दुनिया में चर्चा होगा। चाय से लेकर चिप्स तक असम की विकास यात्रा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि असम का ये प्यार मैं कैसे भूल सकता हूं। मैं असम से वादा करता हूं, आपने मुझे जो प्यार दिया मैं उसे ब्याज समेत विकास करके लौटाऊंगा।
PM मोदी के भाषण की 5 खास बातें
- कांग्रेस के समय असम को पाई-पाई के लिए तरसाया जाता था। तब टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे। भाजपा की सरकार में 5 गुना ज्यादा मिल रहे हैं।
- जब मैं प्लेन से मोरन हाईवे पर उतरा तो नया इतिहास बन गया। कभी नार्थ ईस्ट का नाम आते ही लोग सोचते थे कि छोड़ो टूटी सड़क मिलेंगी तो कब ही पहुंचेंगे। आज यहां हाईवे पर हवाई जहाज भी लैंड करते हैं।
- भाजपा सरकार ने 10 साल में ब्रह्मपुत्र पर 5 बड़े पुल बनाए। कांग्रेस की 70 साल की सत्ता में 3 पुल बने। यह बताता है कि कांग्रेस ने असम को समस्या दी और हमने समाधान दिए।
- पिछले 12 साल में जब भी कोई नई शुरुआत हुई तो उसका फायदा नार्थ ईस्ट को मिला। वंदे भारत शुरू हुई तो असम नार्थ ईस्ट कनेक्ट हो गया। स्लीपर वंदे भारत भी असम से शुरू हुई।
- असम के लोगों के वोट के कारण यहां लाखों परिवारों के घर बने। शौचालय बने। पीने का पानी घर तक पहुंचा। इस पुण्य का हकदार भाजपा के बूथ का कार्यकर्ता है।
मोरन बाइपास चाइना बॉर्डर से लगभग 300km दूर
पीएम मोदी का प्लेन आज सुबह करीब 10 बजे मोरन बाइपास पर बनी ELF पर उतरा। यह एयरस्ट्रिप सैन्य रणनीति के लिए अहम है। यह इलाका चाइना बॉर्डर से लगभग 300km दूर ही है। मोरन हाईवे पर पीएम की मौजूदगी में राफेल, सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमान एरियल शो किया। इस दौरान विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ करके दिखाया। डेमो 30 मिनट तक चला।
पीएम मोदी ने इसके बाद ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मन सेतु और IIM गुवाहाटी के टेंपरेरी कैंपस का उद्घाटन किया। पीएम मोदी का यह पिछले तीन महीने में तीसरा असम दौरा है। असम में इसी साल विधानसभा चुनाव है। राज्य में 2016 से लगातार दो बार NDA की सरकार बनी है। इससे पहले 2001–2016 तक कांग्रेस की सरकार थी।
असम में बनी पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी
मोरन एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ELF का मतलब है कि युद्ध और इमरजेंसी जैसे हालात में हवाई जहाजों को हाईवे पर ही उतारा जाए और यहीं से उड़ान भरने की व्यवस्था हो। इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा के ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए। डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के कॉन्सेप्ट पर तैयार ELF 40 टन तक के फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम है।