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नाबालिग शूटर से दुष्‍कर्म, आरोपी नेशनल कोच को किया गया सस्पेंड

नाबालिग शूटर से दुष्‍कर्म, आरोपी नेशनल कोच को किया गया सस्पेंड

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद की एक नाबालिग शूटर ने कोच पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है। शूटर का कहना है कि कोच ने उसकी परफॉर्मेंस पर बात करने के बहाने फरीदाबाद की फाइव स्टार होटल के रूम में बुलाकर उसके साथ दुष्‍कर्म किया। इस घटना के बारे में किसी को बताने पर उसका करियर खत्म करने की भी धमकी दी। नाबालिग करीब 21 दिनों तक सदमे में रही। इसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी घटना बताई। 06 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

फरीदाबाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में होटल के स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं, मामले में संज्ञान लेते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होगी, अंकुश सस्पेंड रहेंगे।

मामले की जांच कर रही पुलिस

फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल यादव ने बताया कि लड़की की मां की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। होटल से सीसीटीवी फुटेज जुटाए जा रहे हैं। होटल के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। लड़की की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी।

21 दिन तक सदमे में रही खिलाड़ी

परिवार का कहना है कि इस हादसे के बाद उनकी बेटी किसी से बात नहीं करती थी। अपनी प्रेक्टिस पर भी ध्यान नहीं दे पा रही थी। करीब 21 दिनों तक उसने परिवार से यह बात छिपाए रखी। मां ने बताया कि हिम्मत करके उसने मुझे सारी बात बताई। पीड़ित साल 2017 से शूटिंग की प्रैक्टिस कर रही है, जबकि जुलाई, 2025 से ही कोच अंकुश के पास ट्रेनिंग शुरू की थी।

कौन हैं अंकुश भारद्वाज?

अंकुश भारद्वाज, भारत के राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाजी कोच हैं। मूल रूप से हरियाणा के अंबाला के रहने वाले हैं। साल 2005 में NCC कैंप के दौरान निशानेबाजी की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने देहरादून स्थित ‘जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग एंड स्पोर्ट्स’ से पेशेवर प्रशिक्षण लिया।

अंकुश भारद्वाज का विवाह दो बार की ओलिंपियन निशानेबाज अंजुम मौदगिल से हुआ है। वर्तमान में वे मोहाली में ‘साल्वो शूटिंग रेंज’ का संचालन कर रहे हैं और निजी तौर पर निशानेबाजी की कोचिंग भी देते हैं।

प्रमुख उपलब्धियां

वर्ष 2007 में ऑल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग प्रतियोगिता में 3 स्वर्ण पदक जीते।

वर्ष 2008 में पुणे राष्ट्रमंडल युवा खेल में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।

वर्ष 2016 में जर्मनी के हनोवर में आयोजित प्रतियोगिता में भारत को टीम इवेंट में स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

विवादों से जुड़ा दौर

डोपिंग केस (2010): अंकुश भारद्वाज का करियर वर्ष 2010 में उस समय विवादों में आ गया जब जर्मनी में एक जूनियर प्रतियोगिता के दौरान उनका डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। जांच में उनके शरीर में ‘बीटा-ब्लॉकर’ नामक प्रतिबंधित पदार्थ मिला, जिसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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