लखनऊ: प्रयागराज माघ मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद में जारी विवाद के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने बयान जारी कर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में धार्मिक पर्व, त्योहार, पूजा-पाठ और स्नान जैसे आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप हाल के वर्षों में बढ़ा है, जो नए विवाद, तनाव और संघर्ष को जन्म दे रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है। इससे लोगों का दुखी होना स्वाभाविक है।
शनिवार को जारी बयान में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के चलते धर्म को राजनीति से और राजनीति को धर्म से जोड़ने के खतरे बने रहते हैं। प्रयागराज में स्नान को लेकर चल रहा विवाद, आपसी अनादर और आरोप-प्रत्यारोप इसका ताजा उदाहरण है। इससे हर हाल में बचना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी किसी भी धर्म के पर्व, त्योहार, पूजापाठ, स्नान आदि में राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप एवं प्रभाव पिछले कुछ वर्षों से काफी बढ़ गया है, जो नये-नये विवाद, तनाव व संघर्ष आदि का कारण बन रहा है, यह सही नहीं है तथा इन सबको लेकर लोगों…
— Mayawati (@Mayawati) January 24, 2026
आपसी सहमति से सुलझााया जाए विवाद
मायावती ने कहा कि देश का संविधान और कानून जनहित को ही वास्तविक राष्ट्रीय धर्म मानता है। राजनीति और धर्म को अलग रखने पर जोर देता है। मायावती ने अपील की कि प्रयागराज का विवाद आपसी सहमति से शीघ्र सुलझाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।