उत्तर प्रदेश, राजनीति

मौलाना शहाबुद्दीन बोले- RSS से बड़ा संगठन इस्लाम में भी नहीं, शिवलिंग न तलाशने को कहा

मौलाना शहाबुद्दीन बोले- RSS से बड़ा संगठन इस्लाम में भी नहीं, शिवलिंग न तलाशने को कहा

बरेली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष व इस्लामिक स्कॉलर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के भाषण और उनके लेख का समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा कि डॉ. मोहन भागवत हम सब लोगों को एक साथ लेकर चलना चाहते हैं। उन्होंने अपने लोगों को भी ये समझाया है कि हर जगह शिवलिंग और मस्जिदों में मंदिर न तलाशो। आरएसएस जैसा बड़ा संगठन इस्लाम के अनुयायी या किसी भी धर्म में नहीं है। देश के विकास के लिए भी उन्होंने भारत सरकार को नसीहतें और हिदायतें दीं हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, डॉ. मोहन भागवत जो आरएसएस के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उसमें उन्होंने बहुत सारी बातें कहीं। उसमें उन्होंने भारत के कल्चर, तहजीब की बात कहीं। भारत की एकता-अखंडता पर अपना नजरिया पेश किया। अब हर शख्स को ये मानना पड़ेगा कि संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन है।

आरएसएस से बड़ा कोई संगठन नहीं

इस्‍लामिक स्‍कॉलर ने कहा, भारत में किसी भी धर्म को मानने वालों का इतना बड़ा संगठन अब तक वजूद में नहीं आया है। न किसी मजहब को मानने वाला का और न ही इस्लाम के अनुयायी का इससे बड़ा संगठन है। डॉ. मोहन भागवत एक महान शख्सियत और विद्वान व्यक्ति हैं। उन्होंने हमेशा लोगों को जोड़ने की बात कही है। तोड़ने की बात उन्होंने कभी नहीं की, जिससे देश में सकारात्मक सोच विकसित हुई। वो हमेशा सकारात्मक बात करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि संघ प्रमुख ने कहा है हर जगह शिवलिंग तलाश नहीं करनी चाहिए। इससे पहले भी उन्होंने अपने लोगों को समझाते हुए कहा था कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर मत तलाशो। अब जो उनका एक भाषण आया है, वो सोचने और समझने लायक है। इसमें उन्होंने भारत सरकार को भी नसीहतें और हिदायतें दीं हैं कि किस प्रकार विकास के काम किए जाएंगे। जिससे देश की तरक्की होगी। जब सभी लोग मिलकर चलेंगे, तो भारत तरक्की करेगा।

देश में हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ रहा है

मौलाना शहाबुद्दीन का मानना है कि संघ प्रमुख की सकारात्मक सोच देश में बढ़ते हिंदू-मुस्लिम तनाव को कम करेगी। क्योंकि ये तनाव आने वाले दिनों में कभी भी उग्र हो सकता है, जिससे देश को जनता को ही उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उनके बयानों और लेखों को सभी समुदायों को सकारात्मक नजरिए से सुनना और पढ़ना चाहिए, जिससे उपद्रव फैलाने वाले संगठनों पर लगाम लगेगी।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि टकराव और नफरत से न तो कोई तरक्की कर सकता है। न समाज और न देश आगे बढ़ सकता है। तरक्की के लिए सभी समुदायों को एकजुट होकर मिलजुल कर चलना होगा।

धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता

मौलाना ने कहा कि पिछले दो सालों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिद, मदरसा, मकबरे और मजारों को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। इसकी वजह से हालात तनावपूर्ण हो गए और सरकार को दखल देना पड़ा। संघ प्रमुख के विचारों से मुसलमानों को उम्मीद जगी है कि अब ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगेगी और सभी समुदायों में सौहार्दपूर्ण माहौल कायम होगा।

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